सिलीगुड़ी: सिलीगुड़ी नगर निगम की मासिक बोर्ड बैठक सोमवार को हंगामेदार रही. एक तरफ जहां विपक्षी तृणमूल कांग्रेस के पार्षदों ने मेयर और उनके मेयर परिषद पर डेंगू के प्रकोप से निपटने में नाकामी और सफाई के प्रति गंभीर नहीं होने को लेकर निशाना साधा वहीं, मेयर और उनके पार्षदों ने कहा कि नगर निगम इन दोनों ही समस्याओं से निपटने में कामयाब रही है. यह इसी बात से साबित होता है कि बंगाल के अन्य शहरों की तुलना में सिलीगुड़ी में डेंगू से मौत की घटनाएं कम हुई हैं.
आज बोर्ड बैठक के शुरु में ही निगम में नेता प्रतिपक्ष रंजन सरकार ने चेयरमैन दिलीप सिंह की अनुमति लेकर अपना वक्तव्य रखा. इस दौरान उन्होंने डेंगू के बढ़ते हुए प्रकोप पर चिंता जाहिर करते हुए उसके लिये नगर निगम द्वारा उठाये गये कदमों को लेकर सवाल किये. वहीं, पूर्व एमआईसी और तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कृष्ण चंद्र पाल ने बोरो कमेटियों की कम होती भूमिका को लेकर अपनी चिंता जताई. इसके उत्तर में मेयर अशोक भट्टाचार्य ने दावा किया कि शहर अब पहले से डेंगू से काफी हद तक मुक्त है. उन्होंने कहा कि पूरे राज्य के शहरों के साथ यदि तुलना करें तो सिलीगुड़ी में हालात काफी हद तक सामान्य है. बोरो कमेटियों के बारे में कहा कि इन्हें सक्रिय करने के लिये कुछ नई योजना पर विचार चल रहा है.
तीन नंबर बोरो कमेटी के चेयरमैन निखिल सहनी ने आरोप लगाया कि निगम क्षेत्र में सफाई कर्मचारी नहीं मिल रहे हैं. वार्ड में कचरा की ढुलाई के लिये वाहनों के लिये तेल के लिये आपूर्तिकारी से अनुरोध करना पड़ रहा है. वहीं, सफाईकर्मियों को समय पर उनका वेतन नहीं मिल रहा है. इस बारे में मेयर ने बताया कि यह आरोप अनुचित है. यदि ऐसा होता तो दुर्गा पूजा, मोहर्रम, काली पूजा और छठ पूजा को सही तरीके से संपन्न नहीं कराया जा सकता था.
रंजन सरकार ने कहा कि शहर में जो भी विकास हुआ है वह पूर्व मुख्यमंत्री विधानचंद्र राय के कार्यकाल में ही हुआ है. उसके अलावा वर्तमान राज्य सरकार के कार्यकाल में हुआ है. इस प्रसंग में मुकुल सेनगुप्त ने शहर के विकास को लेकर बोर्ड की भावी योजना का खाका पेश किया.
सफाई के लिए ठोस पहल नहीं : नांटू पाल
विपक्ष के नांटू पाल ने कहा कि सिलीगुड़ी से उत्पन्न डेंगू आज पूरे राज्य में फैल रहा है. इसके अलावा शहर के अधिकतर नाले जाम पड़े हैं जिनकी सफाई के लिए कोई ठोस पहल नहीं हो रही है. सफाई के लिये पार्षदों को एसजेडीए पर निर्भर होना पड़ रहा है. इसके जवाब में कचरा प्रबंधन विभाग के एमआईसी मुकुल सेनगुप्त ने बताया कि डेंगू ज्वर से मुकाबले के लिये नगर निगम ने शुरु से ही पर्याप्त उपाय किये थे. इसी का परिणाम कि डेंगू का संकट ज्यादा विकराल रुप नहीं ले सका. कहा कि यदि कचरे की सफाई ठीक से नहीं हो रही है तो आखिर प्रतिदिन डम्पिंग ग्राउंड में 35 मेट्रिक टन कचरा कहां से इकट्ठा हो रहा है.
स्निगधा ने ली चुटकी
दो नंबर वार्ड की पार्षद स्निग्धा ने विपक्ष के उस आरोप पर कटाक्ष किया कि डेंगू के मच्छर दार्जिलिंग मेल पर सवार होकर ही कोलकाता पहुंचे हैं. और ये मच्छर सब तृणमूल मार्का हैं. इस कटाक्ष पर हंसी का ठहाका लगा तो विपक्ष के पार्षदों के तेवर कड़े भी हुए. उन्होंने अपनी बात जारी रखते हुए कहा कि राज्य सरकार डेंगू को फैला रही है.
