जयगांव व हासीमारा के लिए नदी पर बनेगा बांध

जलपाईगुड़ी: अलीपुरद्वार जिले के भारत-भूटान सीमावर्ती शहर जयगांव और संलग्न हासीमारा को बाढ़ से बचाने के लिए राज्य सरकार ने 78 करोड़ रुपये की एक नदी बांध परियोजना मंजूर की है. इस परियोजना को जयगांव विकास प्राधिकरण के जरिये क्रियान्वित किया जायेगा. शनिवार को यह जानकारी सिंचाई मंत्री राजीव बनर्जी ने दी. उन्होंने बताया कि […]

जलपाईगुड़ी: अलीपुरद्वार जिले के भारत-भूटान सीमावर्ती शहर जयगांव और संलग्न हासीमारा को बाढ़ से बचाने के लिए राज्य सरकार ने 78 करोड़ रुपये की एक नदी बांध परियोजना मंजूर की है. इस परियोजना को जयगांव विकास प्राधिकरण के जरिये क्रियान्वित किया जायेगा. शनिवार को यह जानकारी सिंचाई मंत्री राजीव बनर्जी ने दी.

उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के निर्देश पर यह परियोजना मंजूर की गयी है. वह चाहती हैं कि जयगांव जैसे महत्वपूर्ण वाणिज्यिक शहर और हासीमारा जैसे महत्वपूर्ण सामरिक स्थल की सुरक्षा बेहद जरूरी है. उल्लेखनीय है कि भूटान में पहाड़ के भूस्खलन, बाढ़ और भू-क्षरण के चलते जयगांव शहर के आसपास बड़ी समस्या पैदा हो जाती है. इसी के मद्देनजर यह परियोजना ली गयी है.


सिंचाई मंत्री ने फोन पर बताया कि भूटान ने जयगांव से सटे अपने शहर फुंछोलिंग के क्षेत्र विस्तार के लिए तोर्षा (भूटान में इसे आमछू कहते हैं) नदी पर बांध का निर्माण किया है. अभी यह काम चल रहा है. इससे जयगांव व समीपवर्ती हासीमारा क्षेत्र में तोर्षा में बाढ़ की आशंका बढ़ गयी है. इसी की रोकथाम के लिये यह परियोजना ली गयी है. हाल ही में मंत्री राजीव बनर्जी अपने इंजीनियरों को साथ लेकर फुंछोलिंग जाकर वहां के बांध निर्माण को देख आये हैं.

उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती वामो सरकार ने जयगांव की इस समस्या के हल के लिए कोई प्रयास नहीं किया. मंत्री ने बताया कि हासीमारा सेतु से लेकर निचले हिस्से और जयगांव से तोर्षा नदी तक 16 किमी बांध बनाया जायेगा. इस पर 48 लाख रुपये की लागत आयेगी. दूसरी ओर तोर्षा के बायें हिस्से में बसे जयगांव शहर की सुरक्षा के लिए 14 किमी बांध का निर्माण किया जायेगा, जिस पर 30 करोड़ रुपए की लागत आने का अनुमान है. सिंचाई विभाग के सूत्र के अनुसार भूटान से आमछू नदी जहां जयगांव में तोर्षा के रुप में प्रवाहित हुई है वहीं से बांध निर्माण का काम शुरू होगा.
केंद्र सरकार से मांगी जायेगी मदद
हासीमारा झोड़ा (पहाड़ी नाला) और गाबुरज्योति झोड़ा से संलग्न वनांचल और वनबस्तियों की सुरक्षा के लिये अतिरिक्त डेढ़ किमी बांध बनाया जायेगा. सिंचाई मंत्री राजीव बनर्जी ने बताया कि चूंकि यह समस्या दो पड़ोसी देशों से संबंधित है, इसलिए केंद्र सरकार से भी इस परियोजना के लिए आर्थिक मदद देने का अनुरोध किया जायेगा. परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार हो चुकी है.
हर साल बाढ़ से होती है परेशानी
हर साल बरसात में जयगांव, हासीमारा जैसे इलाकों में भूटान की आमछू नदी की तेज धाराओं से तोर्षा में बाढ़ आ जाती है. इससे शहर के व्यवसायियों से लेकर दैनिक मजदूर तक को परेशानी होती है जो भूटान पर अपनी रोजी-रोटी के लिये निर्भर हैं. जयगांव का महत्व वाणिज्यिक से लेकर सामरिक दृष्टिकोण से भी है. उल्लेखनीय है कि जयगांव से ही भूटान को फुंछोलिंग होते हुए थिम्फू तक खाद्यान्न समेत रसद की आपूर्ति की जाती है. इसलिये यह भारत के साथ साथ भूटान के लिये भी संवेदनशील क्षेत्र है.

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