रायगंज. शहर के देवीनगर इलाके के देवीतला का निवासी गौतम सरकार कैंसर का मरीज है. लेकिन परिवार की आर्थिक बदहाली के चलते वह इलाज कराने की सोच भी नहीं पा रहा है. इसीलिए वह बिछावन पर पड़े-पड़े आसन्न मौत का इंतजार कर रहा था. उसे मालूम है कि इलाज के अभाव में मौत निश्चित है, पर वह मरने से पहले घर में कैद नहीं रहना चाहता था.
उसकी इस इच्छा को जानने के बाद सोशल मीडिया के ग्रुप रायगंज प्रत्यायी युवक समाज के सदस्यों ने गौतम की मदद करने की सोची. उन्होंने रायगंज शहर के एक परिवार की दादी मां की पुरानी व्हील चेयर की मरम्मत कराकर गौतम को सौंपा. इस व्हील चेयर पर बैठकर आसपास की दुनिया देखने की गौतम की इच्छा पूरी हुई.
गौतम के परिवार में उसकी मां, पिता, पत्नी और एक छोटी-सी बेटी है. परिवार का खर्च स्थानीय श्यामपुर मोड़ स्थित फुटपाथ पर चाउमिन और एगरोल की दुकान लगाकर निकलता है. गौतम के पिता 79 साल के बुजुर्ग हैं. इस पकी हुई उम्र में भी दुकान चलाकर परिवार की गाड़ी वही खींच रहे हैं. इस उम्र में भी मेहनत करना उनकी विवशता है. इतना कुछ करने के बावजूद वह अपने बेटे के इलाज के लिए धन नहीं जुटा पा रहे हैं. गौतम के इलाज की बात करते हुए उसका भाई फफक-फफक कर रो पड़ा. उसे इस बात का अफसोस है कि वे लोग गौतम का इलाज नहीं करा पा रहे हैं.
गौतम की मां और पिता दोनों अपने बेटे को अपनी आंखों के सामने मरता हुआ देखता तो नहीं चाहते, लेकिन उनके लिए अपनी लाचारी है. इस बुजुर्ग दंपति की दो ही चिंता है, एक तो गौतम के इलाज के लिए कोई दानवीर आगे आ जाये और उसकी बेटी का दाखिला शहर के किसी सरकारी प्राथमिक विद्यालय में हो जाये.
