हाथी के हमले में महिला की मौत से फैला मातम

दलसिंहपाड़ा: बुधवार सुबह दलसिंहपाड़ा के गोपाल बहादुर बस्ती इलाके में हाथी के हमले से 27 वर्षीय महिला की मौत हो गई. वन विभाग की ओर से परिवार को ढाई लाख मुआवजा देने की घोषणा की गई है. दलसिंहपाड़ा के गोपाल बहादुर बस्ती में सुबह के पांच बजे जीना छेत्री (27) अपने घर के सामने गाय […]

दलसिंहपाड़ा: बुधवार सुबह दलसिंहपाड़ा के गोपाल बहादुर बस्ती इलाके में हाथी के हमले से 27 वर्षीय महिला की मौत हो गई. वन विभाग की ओर से परिवार को ढाई लाख मुआवजा देने की घोषणा की गई है.

दलसिंहपाड़ा के गोपाल बहादुर बस्ती में सुबह के पांच बजे जीना छेत्री (27) अपने घर के सामने गाय चराने निकली थी. भारनाबाड़ी बीट अंतर्गत जंगल से एक हाथी निकलकर जीना छेत्री एवं उसके पिता गोपाल छेत्री की ओर आया. हाथी ने जीना छेत्री को सामने पाकर उसे लात मारकर दूर फेंक दिया. घटनास्थल पर ही उसकी मौत हो गई.

जीना छेत्री को एक पांच साल का बेटा है. उसका पति काजी केरल में काम करता है. वह अपने पिता के घर पर रहती थी.घटना के बाद हैमिलटनगंज के रेंजर नरेश विश्वकर्मा घटनास्थल पर पहुंचे. घटनास्थल का जायजा लेने के बाद उन्होने बताया कि मृता के परिवार वालों को ढाई लाख रुपए का मुआवजा मिलेगा. शव को पोस्टमार्टम के लिए अलीपुरद्वार जिला अस्पताल में भेजा गया है.

घटनास्थल पर कालचीनी पंचायत समिति के वन विभाग के कर्माध्यक्ष अब्बास अनसारी भी पहुंचे. उन्होंने इलाके में जल्द से जल्द एलीफेंट स्कवाड बनाने की मांग रखी है. उन्होने बताया कि जंगल में हाथी के लिए भोजन का अभाव हो गया है, जिसके कारण हाथी बस्ती एवं रिहायशी इलाकों में दाखिल हो रहे है. इसके लिए उन्होने केंद्र सरकार की गलत नीति को जिम्मेदार ठहराया है. उनका कहना है कि सरकार द्वारा बेत के जंगल एवं विशेष प्रकार के फलों के पेड़ों की कटाई कर टीक काठ के पेड़ लगाये गये है. जिसके कारण हाथी के भोजन में कमी होने लगी है. ऐसे में हाथी भोजन की तलाश में रिहायशी इलाकों में दाखिल हो रहे हैं.

जिसकी वजह से आये दिन इस तरह की घटनाएं आम बात हो गयी है जिससे क्षेत्रवासियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है जिससे जन-धन की हानी हो रही है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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