मिलावटी सामान : आखिकार टूटी सिलीगुड़ी नगर निगम की नींद, कई होटलों व मिठाई दुकानों में छापामारी
सिलीगुड़ी. प्रभात खबर में मंगलवार को प्रकाशित धनतेरस, दीपावली, कालीपूजा और छठ पूजा के इस त्योहारी मौसम में सिलीगुड़ी को ‘सावधान’ रहने की जरुरत है. वजह इस त्योहारी मौसम में पूरे शहर में खाने-पीने के नाम पर मौत का सामान बिक रहा है. शासन-प्रशासन की अनदेखी से मिलावट खोरों का बाजार काफी गरम है, खबर […]
सिलीगुड़ी. प्रभात खबर में मंगलवार को प्रकाशित धनतेरस, दीपावली, कालीपूजा और छठ पूजा के इस त्योहारी मौसम में सिलीगुड़ी को ‘सावधान’ रहने की जरुरत है. वजह इस त्योहारी मौसम में पूरे शहर में खाने-पीने के नाम पर मौत का सामान बिक रहा है. शासन-प्रशासन की अनदेखी से मिलावट खोरों का बाजार काफी गरम है, खबर के बाद सिलीगुड़ी नगर निगम आंखें खुली और अधिकारियों में हलचल मच गयी.
उत्सवी माहौल में सिलीगुड़ी में ‘ नकली खोवा, पनीर की भरमार’ शीर्षक वाली खबर मंगलवार के संस्करण में प्रकाशित हुयी है. उसके बाद निगम का स्वास्थ विभाग नींद से जागा और सिलीगुड़ी शहर में ताबड़तोड़ छापामारी शुरू हो गयी. मंगलवार को ही शहर के विभिन्न होटलों व नुक्कडों पर लगने वाली खाने-पीनें की दुकानों के साथ बड़े मिठायी दुकानों और होटलों में नगर निगम की टीम ने छापामारी की.
अधिकारियों के अनुसार दुकानों व होटलों की जांच के बाद खाद्य व पेय पदार्थों में त्रुटियां पायी गयी. जबकि कई होटलों व मिठाई दुकानों के खाद्य पदार्थ के सैंपल जांच के लिए भी भेजे गये हैं. मंगलवार को सिलीगुड़ी नगर निगम के मेयर परिषद सदस्य मुकुल सेनगुप्ता व फूड इंस्पेक्टर गणेश भट्टाचार्य के नेतृत्व में एक टीम ने शहर में अभियान चलाया. हिलकार्ट रोड, वर्द्धमान रोड व सेवक रोड इलाके के कई होटल, मिठाई की दुकान व सड़क के किनारे ठेला पर लगने वाली दुकानों का दौरा कर खाद्य पदार्थों की चेकिंग की.
इस अभियान में शहर के हिलकार्ट रोड स्थित एक ढाबा में पानी पर निगम ने प्रश्न चिन्ह लगाया है. जबकि ढाबा प्रबंधन का कहना है कि वर्षों पहले सप्लाई पानी कनेक्शन देने का आवेदन किया है,उसपरर निगम ने कोई पहल नहीं की है. इसके अतिरिक्त एक मिठाई दुकान में मिठाइयां बनाने में उपयोग किए जाने वाले रंग की जांच के लिए सैंपल लिये गये हैं. सड़क के किनारे बेचे जा रहे गन्ने का रस आदि की भी जांच की गयी. मेयर परिषद सदस्य मुकुल सेनगुप्ता ने बताया कि उत्सव में शहर के काफी लोग बाहर ही खाना खाते हैं. इस समय खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता के साथ खिलवाड़ किया जाता है. इसी वजह से अभियान चलाया जा रहा है.