मालदा: इन दिनों मालदा के कालियाचक एक नंबर ब्लॉक के सुजापुर विधानसभा क्षेत्र में मच्छरों का इस कदर तांडव है कि रात की तो छोड़िए, दिन का समय भी मच्छरदानी में बिताना पड़ रहा है. बीते एक महीने में सुजापुर, गयेशबाड़ी, मोसीमपुर ग्राम पंचायतों का एक बड़ा इलाका मच्छरदानी नगरी में बदल गया है.
मच्छरों के प्रकोप से घर-घर में लोग अज्ञात बुखार और डेंगू से पीड़ित हैं. इन बीमारियों पर नियंत्रण के लिए स्थानीय लोग दिन-रात अधिक से अधिक समय मच्छरदानी में ही रहने में भलाई समझ रहे हैं. उनका आरोप है कि संबंधित पंचायत और प्रशासन मच्छरों पर काबू पाने के लिए कोई उपाय नहीं कर रहे हैं.
सुजापुर के विधायक ईशा खान चौधरी ने बताया कि 20 से ज्यादा ग्रामीण इलाकों में डेंगू और अनजान बुखार का प्रकोप है. इस बारे में स्थानीय ब्लॉक स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ चर्चा की गई है. मच्छरों का उपद्रव कम करने के लिए जो भी कदम उठाने की जरूरत है, पंचायत के माध्यम से वो कदम उठाये जा रहे हैं.
गयेशबाड़ी गांव के डेंगू के मरीज आमिरूल अली, आहेदुल शेख, सत्तार खान आदि ने बताया कि इलाके की पंचायत की ओर से ब्लीचिंग पाउडर वगैरह का छिड़काव नहीं किया गया है. चारों तरफ कचरा फैला हुआ है और जल जमाव है, जिसमें बड़े पैमाने पर मच्छर पैदा हो रहे हैं और बीमारी फैला रहे हैं. ग्रामीण यथासंभव कूड़ा-कचरा साफ करने की कोशिश कर रहे हैं. मजबूर लोग खाना-रहना सबकुछ मच्छरदानी में ही कर रहे हैं. बीमारी का प्रकोप इतना अधिक है कि ग्रामीण अस्पताल या मेडिकल कालेज ले जाने पर मरीज को जगह नहीं मिल रही है. इसलिए बहुत से लोग घर में रहकर ही इलाज करा रहे हैं. गयेसबाड़ी ग्राम पंचायत के उप-प्रधान अंजार अली ने बताया कि इलाके में डेंगू का जबरदस्त प्रकोप है. बीते दिनों पूजा के चलते पंचायत ऑफिस बंद था. ऑफिस खुलने के बाद ब्लीचिंग छिड़काव और कचरे की सफाई जैसे कदम उठाये गये हैं.
20 गांव चपेटे में
स्थानीय सूत्रों ने बताया कि सुजापुर, मोसिमपुर गयेशबाड़ी ग्राम पंचायतों के बालूपुर, बह्मोत्तर, स्कूलपाड़ा, गयेसबाड़ी, बाखरपुर, चाषपाड़ा समेत 20 गांवों में मच्छरों ने मानो हमला सा बोल दिया है. इन गांवों में घर-घर में अनजाने बुखार और डेंगू के रोगी लगातार बढ़ते जा रहे हैं. स्थानीय पंचायत के अनुसार, 500 से अधिक लोग अनजान बुखार से पीड़ित हैं. वहीं डेंगू के मरीजों की संख्या 100 से अधिक है.
सुजापुर के कई गांवों में बुखार का प्रकोप है. स्थानीय स्वास्थ्य केन्द्र और मेडिकल कॉलेज में मरीजों को इलाज के लिए भेजा जा रहा है. पूरे इलाके में फॉगिंग कर मच्छर मारने का प्रयास किया जा रहा है. सभी पंचायतों को भी इसी तरह के कदम उठाने को कहा गया है. स्वास्थ्य विभाग और पंचायतों ने मिलकर ब्लीचिंग छिड़काव का काम शुरू किया है.
ओबैदुल्ला चिश्ती, बीएमओएच, ब्लॉक-1 कालियाचक
