बंद तुरतुरी चाय बागान पर त्रिपक्षीय बैठक कल
कुमारग्राम. बंद तुरतुरी चाय बागान को लेकर श्रम विभाग ने 11 अक्टूबर को त्रिपक्षीय बैठक बुलायी है. वर्क सस्पेंशन नोटिस के बाद बागान प्रबंधन ने लॉक आउट का नोटिस भी जारी कर दिया है. इसको लेकर चाय श्रमिक संगठनो ने बागान मालिकों के खिलाफ जोरदार आंदोलन करने का मन बनाया है. त्रिपक्षीय बैठक में लॉक […]
कुमारग्राम. बंद तुरतुरी चाय बागान को लेकर श्रम विभाग ने 11 अक्टूबर को त्रिपक्षीय बैठक बुलायी है. वर्क सस्पेंशन नोटिस के बाद बागान प्रबंधन ने लॉक आउट का नोटिस भी जारी कर दिया है. इसको लेकर चाय श्रमिक संगठनो ने बागान मालिकों के खिलाफ जोरदार आंदोलन करने का मन बनाया है. त्रिपक्षीय बैठक में लॉक आउट नोटिस के खिलाफ आवाज बुलंद करने का निर्णय लिया गया है.
उल्लेखनीय है कि पिछले दो महीने से श्रमिकों को वेतन नहीं मिलने के बाद शनिवार की शाम बागान प्रबंधन के लोग यहां से चुपचाप निकल गये. रविवार की सुबह मालिक पक्ष ने श्रमिक संगठन के नेताओं को सस्पेंशन ऑफ वर्क का नोटिस थमाया फिर रविवार की शाम बागान गेट पर ताला लटका कर बागान को बंद कर दिया गया. दो महीने से वेतन न मिलने पर बीते 5 अक्टूबर से श्रमिकों ने आंदोलन शुरू कर काम बंद कर दिया. दीपावली,कालीपूजा व छठ के पहले अचानक बागान बंद होने से पांच सौ से अधिक श्रमिक परिवार असहाय हो गये हैं.
उपर से उन्हें पिछले दो महीने का वेतन भी नहीं मिला है. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार 11 अक्टूबर को श्रम विभाग ने अलीपुरद्वार कार्यालय में बैठक में बुलायी है. माकपा समर्थित श्रमिक संगठन सिटू नेता विद्युत गुण ने बताया कि दो महीने से वेतन न मिलने पर श्रमिक द्वारा आवाज उठाना लाजमी है. दो दिन के आंदोलन के बा बागान मालिकों ने बंदी की घोषणा कर दी. श्रम कार्यालय में होने वाली त्रिपक्षीय बैठक में इन मुद्दो को उठाया जायेगा.
चाय बागान मालिक पक्ष संगठन इंडियन टी एसोसिएशन के डुआर्स शाखा की ओर से सुमंत गुहाठाकुरता ने बताया कि श्रमिकों द्वारा आंदोलन शुरू करने के बाद बागान बंद करने के अलावा बागान प्रबंधन के पास अन्य कोई दूसरा चारा भी नहीं था. आंदोलन के साथ श्रमिक बागान मैनेजर को लगातार धमकियां भी दे रहे थे. इसी धमकी की वजह से मैनेजर बागान से चुपचाप निकल गया.