यहां उल्लेखनीय है कि सिलीगुड़ी तथा इसके आसपास के इलाकों में डेंगू ने महामारी का रूप ले लिया है. इस बीमारी से अबतक नौ लोगों की मौत हो गयी है और करीब 1000 से भी अधिक मरीज विभिन्न सरकारी तथा निजी अस्पतालों में भर्ती हैं.
आलम यह है कि सरकारी अस्पताल तो छोड़िए निजी अस्पतालों तक में बेड खाली नहीं है. मरीजों की चिकित्सा जमीन पर की जा रही है. डेंगू के मामले को लेकर अबतक राज्य के पर्यटन मंत्री तथा मेयर अशोक भट्टाचार्य ही आमने-सामने थे. पर्यटन मंत्री जहां सिलीगुड़ी नगर निगम को ब्यर्थ करार देकर पूरी जिम्मेदारी जहां मेयर पर डाल रहे हैं वहीं मेयर अशोक भट्टाचार्य राज्य स्वास्थय विभाग पर पूरी जिम्मेदारी डालने में व्यस्त हैं. इसीबीची बुधवार को भाजपा नेता तथा उत्तर बंगाल के पर्यवेक्षक रथींद्र बोस ने राज्य की तृणमूल सरकार तथा मंत्री गौतम देव के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. श्री बोस ने एक विशेष बातचीत में बताया कि सिर्फ सिलीगुड़ी ही नहीं,पूरे राज्य में स्वास्थ्य सेवा चरमरा गयी है. यहां के लोगों को बेहतर चिकित्सा सेवा उपलब्ध नहीं है.
उन्होंने मंत्री गौतम देव को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि यदि राज्य में स्वास्थ्य सेवा सही है तो लोग इलाज के लिए बाहर क्यों जा रहे हैं. मंत्री को इसका जवाब देना चाहिए. दरअसल राज्य की तृणमूल सरकार आमलोगों की भलाई के लिए काम ही नहीं कर रही है. राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवा में सुधार के बदले खेल तथा उत्सव आदि के आयोजन में करोड़ो रुपये खर्च कर रही है. श्री बोस ने आगे कहा कि केंद्र सरकार की ओर से स्वास्थ्य सेवा में सुधार के साथ ही विभिन्न मदों में राज्य सरकार को करोड़ो रूपये की मदद की जा रही है,लेकिन इन पैसों का उपयोग सही तरीके से नहीं हो रहा है. उन्होंन केद्र सरकार से मिले पैसे का हिसाब भी राज्य सरकार को देने के लिए कहा है.
