दार्जिलिंग. बंगाल से अलग होना है, तो गोरखालैंड नाम से नहीं, बल्कि ‘हिमाली संकोश मेची तीस्ता’ नाम से राज्य की मांग करनी होगी. यह कहना है गोर्खा एकता मोर्चा (गोएमो) का. दार्जिलिंग प्रेस गिल्ड में पत्रकारों को संबोधित करते हुए गोएमो के वरिष्ठ केंद्रीय उपाध्यक्ष अनूप राणा व अन्य नेताओं ने कहा कि सुभाष घीसिंग से लेकर विमल गुरुंग तक के आंदोलनों के नतीजे यह साबित करते हैं कि गोरखालैंड नाम से अलग राज्य मिलने वाला नहीं है. इसलिए गोएमो ने बंगाल से अलग होने के लिए ‘हिमाली संकोश मेची तीस्ता’ नाम से अलग राज्य का आन्दोलन चलाने की योजना बनायी है.
उन्होंने कहा कि जो लोग अलग राज्य के लिए आंदोलन चला रहे हैं उनका रोडमैप ठीक नहीं है. पार्टी नेताओं ने आगामी नवंबर महीने से कार्यक्रमों की सूची तैयार करने की बात कही. उन्होंने दावा किया ‘हिमाली संकोश मेची तीस्ता’ नाम से अलग राज्य 2023 तक मिल जायेगा.
