इस इलाके में रहने वाले मोहन उरांव, राजेश उरांव, बेला बास्फोर, मीनी कुमार, शारदा विश्वकर्मा के घरों में बने रसोई घर हाथियों ने तोड़ दिये. स्थानीय लोगों का कहना है कि रात को हाथी इस इलाके में आये और एक पर एक कई घरों पर हमला बोल दिया. खासकर रसोई घरों पर हाथियों ने धावा बोला है. हाथी को देखते ही इलाकाई लोग जान बचाकर भागे. घटना की सूचना वन विभाग को दी गई.
रात को ही वन विभाग के कर्मचारी मौके पर पहुंचे और हाथियों को खदेड़ने में लग गये. काफी देर के मशक्कत के बाद हाथियों को वापस जंगल में खदेड़ा गया. अपालचंद रेंज के रेंजर सुदीप्त सरकार ने बताया है कि हाथियों के हमले से प्रभावित लोगों को नियमानुसार मुआवजा दिया जायेगा. इधर, स्थानीय लोगों का कहना है कि बीच-बीच में ही हाथी यहां आकर हमला बोलते हैं. वन विभाग को कई बार हाथियों को रोकने के लिए आवश्यक उपाय किये जाने की मांग की गई है, लेकिन इसका कोई लाभ नहीं हुआ है. गनीमत यह थी कि हाथियों के हमले में कोई प्राणहानि नहीं हुई है. स्थानीय लोगों ने वन विभाग से इस समस्या के स्थायी समाधान की मांग की है.
