राज्य सरकार नहीं दे रही 333 करोड़ रुपये : मेयर

सिलीगुड़ी. शहर के मेयर व माकपा विधायक अशोक भट्टाचार्य ने राज्य की तृणमूल सरकार पर राजनैतिक के बाद प्रशासनिक रूप से परेशान करने का आरोप लगाया है. ममता बनर्जी की नेतृत्व वाली सरकार के पास सिलीगुड़ी नगर निगम का 333 करोड़ रूपया बकाया है. श्री भट्टाचार्य ने सांसद व विधायक फंड के करीब छह करोड़ […]

सिलीगुड़ी. शहर के मेयर व माकपा विधायक अशोक भट्टाचार्य ने राज्य की तृणमूल सरकार पर राजनैतिक के बाद प्रशासनिक रूप से परेशान करने का आरोप लगाया है. ममता बनर्जी की नेतृत्व वाली सरकार के पास सिलीगुड़ी नगर निगम का 333 करोड़ रूपया बकाया है. श्री भट्टाचार्य ने सांसद व विधायक फंड के करीब छह करोड़ रूपये भी रोकने का आरोप मुख्यमंत्री पर लगाया है. ऐसी स्थिति जल्द न खत्म होने पर मेयर ने कोलकाता में जोरदार आंदोलन की धमकी दी है.
सिलीगुड़ी नगर निगम में वाम मोरचा बोर्ड शुरू से ही राज्य सरकार पर पक्षपात करने का आरोप लगा रही है. उनका कहना है राज्य में सिर्फ सिलीगुड़ी नगर निगम के विकास कार्यों में राज्य सरकार बाधा डाल रही है. श्री भट्टाचार्य ने राज्य सरकार के अधीन उत्तर बंगाल विकास मंत्रालय व सिलीगुड़ी जलपाईगुड़ी विकास प्राधिकरण पर भी काम कराकर रुपये का नहीं देने का आरोप लगाया गया है.

बुधवार को निगम के सभागार में पत्रकारों को संबोधित करते हुए सिलीगुड़ी के मेयर व विधायक अशोक भट्टाचार्य मुख्यमंत्री पर जमकर बरसे . उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सिलीगुड़ी नगर निगम के अलावा सभी नगरपालिका व नगर निगम को विकास के लिए आर्थिक सहायता दे रही है. केंद्र सरकार के14वें वित्त आयोग व अन्य मदों के पैसे भी सिलीगुड़ी नगर निगम को नही दिये गए. उन्होने आरोप लगाया कि सिलीगुड़ी नगर निगम में वाम मोरचा बोर्ड है,इसी कारण राज्य की तृणमूल सरकार भेदभाव कर रही है. पहले से राज्य सरकार पर 333 करोड़ रुपये बकाया है, जिसकी वजह से विकास कार्यों में समस्या उत्पन्न हो रही है. विकास कार्यों के लिए उन्होंने माकपा के राज्यसभा सांसदों से धन का जुगाड़ किया.


उन्होंने कहा कि तृणमूल ने लड़ाई कर अपना हक पाने का तरीका वामपंथियों से ही सीखा है. दिल्ली जाकर केंद्र के खिलाफ आंदोलन करने की बात मुख्यमंत्री कर रही है. उसी तरह सिलीगुड़ी का हक मांगने के लिए वे भी राज्य सचिवालय नवान्न के पास आंदोलन करने की तैयारी कर रहे हैं.
केंद्र व सांसद कोष से मिले फंड को भी रोकने का आरोप
मेयर ने बताया कि सांसद व सीपीआइएम के वरिष्ठ नेता सीताराम येचुरी ने अपने सांसद फंड से 1 करोड़ 8 लाख रुपये सिलीगुड़ी के विकास के लिये दिये. इनके अतिरिक्त राज्य सभा के सांसद त्रृतब्रत बनर्जी ने करीब दो करोड़ रूपये, कुणाल कुमार घोष ने 3.36 करोड़ रूपये एवं तपन सेन ने भी एक करोड़ से अधिक सिलीगुड़ी के विकास के लिए दिया. जून महीने में ये रुपये जिला शासक तक पहुंच गये, फिर भी आज तक ये रुपये सिलीगुड़ी के मेयर तक नहीं पहुंचे हैं. इसके अतिरिक्त श्री भट्टाचार्य ने बताया कि अपने विधानसभा क्षेत्र में विकास मूलक कार्यों के लिए विधायकों को 60 लाख रुपये प्रतिवर्ष मिलते हैं.

मेयर श्री भट्टाचार्य ने बताया कि विधायक व सांसदों के कोष के पैसे पहले सिलीगुड़ी महकमा परिषद को दिये जाते थे. नगर निगम व महकमा परिषद में माकपा बोर्ड बनते ही राज्य सरकार ने इस खाते को ट्रांसफर कर जिला शासक के पास भेज दिया. मेयर ने कहा कि रूपये रिलीज करने के लिए दार्जिलिंग जिला शासक से कई बार अपील की. जिला शासक पहाड़ पर जारी आंदोलन की बात कर पैसे देने से इंकार कर रही हैं. मेयर का कहना है कि आंदोलन की वजह से पहाड़ के बैंक बंद हैं . जिला शासक वह रूपये सिलीगुड़ी ट्रेजरी में ट्रांसफर कर सकती हैं. पैसे नहीं होने से सिलीगुड़ी के कई विकास कार्य अटके हुए हैं. किरणचंद्र श्मसान घाट में बिलजी चुल्हा, सात नंबर वार्ड में पुल सहित कई इलाकों में सड़क आदि बनाने का कार्य अटका पड़ा है.

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