वहां पर ब्राह्मणों ने तर्पण करने पहुंचे श्रद्धालुओं को हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार तर्पण करवाया. सर्वभारतीय प्राच्य विद्या अकादमी के प्राचार्य धर्माचार्य जयंत कुसारी ने बताया कि हिंदू शास्त्र के अनुसार सभी पितर पुरुषों, माता-पिता, मातामह, पितामह, देव, गंधर्व, राक्षस, सर्प योनि के साथ-साथ ऋषि-मुनियों, भीष्म पितामह सहित अन्य उल्लेखित लोगों का पूरी श्रद्धा व विधि विधान के साथ तर्पण किया गया. इस तर्पण के माध्यम से त्रिखंड व विश्व की शांति की कामना की गयी. मंगलवार को दिनभर गंगा के विभिन्न घाटों पर तर्पण करनेवालों की भीड़ लगी रही. अमावस्या बुधवार को सुबह 10.44 बजे तक है. उसके बाद देवी पक्ष की शुरुआत हो जायेगी, लेकिन उदया तिथि की मान्यता के अनुसार नवरात्र का आरंभ 21 सितंबर से होगी.
महालया पर महानगर के घाटों पर उमड़े लोग, अपने पूर्वजों को किया नमन, लाखों लोगों ने किया का तर्पण
कोलकाता. मंगलवार को महालया के अवसर पर गंगा में लाखों लोगों ने तर्पण किया. सुबह से ही गंगा के विभिन्न घाटों में लोगों की भारी भीड़ लगी हुई थी. वहां पर ब्राह्मणों ने तर्पण करने पहुंचे श्रद्धालुओं को हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार तर्पण करवाया. सर्वभारतीय प्राच्य विद्या अकादमी के प्राचार्य धर्माचार्य जयंत कुसारी ने बताया […]

कोलकाता. मंगलवार को महालया के अवसर पर गंगा में लाखों लोगों ने तर्पण किया. सुबह से ही गंगा के विभिन्न घाटों में लोगों की भारी भीड़ लगी हुई थी.
उधर हुगली में पितृपक्ष के समापन पर पूर्वजों को याद करते हुए भारी संख्या में लोगों ने हुगली नदी में तर्पण और पिंडदान और ब्रहम भोज का आयोजन किया. मंगलवार सुबह से महालया के अवसर पर हुगली नदी के विभिन्न घाटों पर हजारों लोगों ने अपने पितरों को तर्पण किया. कई घाटों पर पुलिस जवानों को भी तैनात किया गया था.