शारदीय नवरात्र 21 से
कोलकाता. मंगलवार सुबह 11:22 बजे से महालया शुरू होगा. इसी समय पर अश्विन माह की अमावश्या शुरू हो रही है. इस दिन महानगर स्थित नदी घाटों पर लाखों लोग अपने पितरों को तर्पण देंगे. सर्व भारतीय प्राच्य विद्या अकादमी के प्राचार्य जयंत कुसारी ने बताया कि हिंदू शास्त्र के अनुसार श्राद्ध एवं तर्पण में अस्त […]
कोलकाता. मंगलवार सुबह 11:22 बजे से महालया शुरू होगा. इसी समय पर अश्विन माह की अमावश्या शुरू हो रही है. इस दिन महानगर स्थित नदी घाटों पर लाखों लोग अपने पितरों को तर्पण देंगे. सर्व भारतीय प्राच्य विद्या अकादमी के प्राचार्य जयंत कुसारी ने बताया कि हिंदू शास्त्र के अनुसार श्राद्ध एवं तर्पण में अस्त तिथि की मान्यता है, जबकि पूजा विधान में उदया तिथि की. चूंकि मंगलवार को अमावश्या अपराह्न में शुरू हो रही है, इसलिए महालया इसी दिन मनाया जायेगा.
हिंदू कैलेंडर के मुताबिक इस दिन पितृ धरा पर उतरते हैं और उन्हें तर्पण दिया जाता है. महालया के दिन सभी पूर्वजों (पितरों) को तर्पण करने का प्रावधान है. पूर्वजों के देहत्याग की तिथि पता नहीं होने या किसी अपरिहार्य कारणों से श्राद्ध नहीं हो पाने पर पितृविसर्जन के दिन श्राद्ध का उल्लेख प्राचीन ग्रंथों में है. महालया के साथ ही दुर्गा पूजा और फिर नवरात्रि की शुरुआत होती है.
लेकिन इस वर्ष नवरात्र 21 सितंबर से शुरू होगा, जो 29 सितंबर तक चलेगा. ज्योतिषाचार्य सुशील पुरोहित ने बताया कि अश्वनी मास के शुक्ल पक्ष में 21 सितंबर (गुरुवार) से शारदीय नवरात्र शुरू हो रहा है. शुभ मुहूर्त सुबह 06:06 बजे से 07:26 बजे तक है.