दार्जिलिंग. गोरखालैंड आंदोलन को तहस-नहस करनेवालों को भावी पीढ़ियां कभी माफ नही करेंगी. यह चेतावनी देते हुए गोजमुमो प्रमुख विमल गुरुंग ने विनय तमांग और अनित थापा से भूल सुधारकर पार्टी में लौट आने की अपील की. यह बात उन्होंने गोरखालैंड समर्थकों की रैली में ऑडियो संबोधन के जरिये कही. जनसभा के दौरान ही बड़ी संख्या में पुलिस के चौक बाजार पहुंचने से लोगों में घबराहट फैल गयी, लेकिन सभी अपनी जगह पर ही बैठकर नारेबाजी करते रहे.
रोज की तरह बुधवार को भी गोरखालैंड समर्थकों ने शहर में रैली निकाली. दार्जिलिंग रेलवे स्टेशन से शुरू हुई रैली ने शहर की परिक्रमा कर चौक बाजार पहुंची और जनसभा में बदल गयी. जनसभा के दौरान विमल गुरुंग का ऑडियो भाषण माइक के जरिये सुनाया गया. भाषण में विमल गुरुंग ने कहा कि एक सप्ताह पहले तक साथ-साथ रहनेवाले चार लोग गोरखालैंड आंदोलन को तहस-नहस करने में लग गये हैं. इन लोगों को भावी संतानें कभी माफ नहीं करेंगी.
श्री गुरुंग ने आंदोलन को तहस-नहस करनेवालों को मीर जाफर की संज्ञा देते हुए इनसे जनता को सावाधान रहने की अपील की. आंदोलन को तीन महीने हो गये हैं, फिर भी जनता आंदोलनरत है. लेकिन हमारे कुछ नेता बंगाल पुलिस के डर से और बंगाल सरकार के प्रलोभन में आंदोलन को तहस-नहस करने की कोशिश कर रहे हैं. यह आंदोलन कोई पद या कुर्सी पाने के लिए नहीं है, बल्कि जातीय उन्मुक्ति के लिए है. जनता स्वयं यह आंदोलन कर रही है.
श्री गुरुंग ने अनित थापा का नाम लेकर कहा कि कुछ साल पहले पुलिस ने अनित को पकड़ लिया था. उस वक्त पुलिस द्वारा उनके घर की पानी की टंकी से रुपये के बंडल बरामद किये जाने का हल्ला फैल गया था. लेकिन उस वक्त मैंने ही मीडिया के जरिये उनका बचाव किया था. इसी तरह से विनय तमांग को भी दोबारा सोचना होगा. ये लोग अपनी भूल सुधारें और पार्टी में वापस आयें.
विमल समेत सात के खिलाफ वारंट
सिलीगुड़ी. दार्जिलिंग जिला अदालत ने गोरखा जनमुक्ति मोरचा (गोजमुमो) प्रमुख विमल गुरुंग सहित सात लोगों के खिलाफ गिरफ्तार का वारंट जारी किया है. इधर, विमल को गिरफ्तार करने के लिए बनी पुलिस टीम में भेदिया होने के संदेह में पुलिस के आला अधिकारियों ने अब एक नयी टीम तैयार की है. बीते तीन महीनों से चल रहे आंदोलन के दौरान पहाड़ पर हुई हिंसा, आगजनी, तोड़फोड़, बम धमाकों के मामलों में गोजमुमो प्रमुख समेत कई नेताओं के खिलाफ राजद्रोह, हत्या, सरकारी संपत्ति नष्ट करने का मामला चल रहा है. विमल गुरुंग के खिलाफ लुक आउट नोटिस भी जारी किया जा चुका है. बुधवार को दार्जिलिंग जिला अदालत ने विमल गुरुंग, उनकी पत्नी आशा गुरुंग, प्रकाश गुरुंग, गोजमुमो महासचिव रोशन गिरि, अमृत योंजन, डीके प्रधान व तिलक रोका के खिलाफ गिरफ्तारी का वारंट जारी किया है. दूसरी तरफ, गोजमुमो के आला नेताओं की गिरफ्तारी के लिए बनी पुलिस टीम में भेदिया होने की प्रबल आशंका जतायी जा रही है. पुलिस सूत्रों के मुताबिक गिरफ्तारी के लिए निकली पुलिस टीम व उनकी योजनाओं की जानकारी पहले से ही विमल गुरुंग तक पहुंच जाती है. जिसकी वजह से कई बार पुलिस को मुंह की खानी पड़ी है. टीम में लीक के संदेह पर प्रशासन ने गोजमुमो के आला नेताओं को गिरफ्तार करने के लिए एक नयी टीम का गठन किया है. अदालत के वारंट पर नयी पुलिस टीम गिरफ्तारी की योजना बना रही है.
