मालदा : जीएसटी के बढ़े बोझ से मूर्तिकार परेशान

मालदा: वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) लागू होने के बाद से मूर्तिकारों की नींद उड़ गयी है. उन्होंने कल्पना भी नहीं की थी कि जीएसटी के चलते प्रतिमा निर्माण में लगनेवाली सामग्री के दाम तीन गुना तक बढ़ जायेंगे. इस नयी कर व्यवस्था के चलते मूर्तिकारों पर अतिरिक्त बोझ आ गया है. साथ ही, मूर्तियों […]

मालदा: वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) लागू होने के बाद से मूर्तिकारों की नींद उड़ गयी है. उन्होंने कल्पना भी नहीं की थी कि जीएसटी के चलते प्रतिमा निर्माण में लगनेवाली सामग्री के दाम तीन गुना तक बढ़ जायेंगे. इस नयी कर व्यवस्था के चलते मूर्तिकारों पर अतिरिक्त बोझ आ गया है. साथ ही, मूर्तियों के दाम में काफी वृद्धि हुई है. मूर्तिकारों का कहना है कि जब उन्होंने मूर्तियों के लिए बयाना लिया था उस समय जीएसटी लागू नहीं हुआ था. लेकिन अचानक जीएसटी लागू होने से उनका सारा आंकलन ही गड़बड़ा गया है.
मालदा शहर के प्रमुख मूर्तिकारों अष्टम चौधरी, भेलूचरण पाल, सजल पंडित का कहना है कि देवी दुर्गा की मूर्तियों की सजावट के लिए उन्हें इस बार प्रति मूर्ति एक से डेढ़ हजार रुपये ज्यादा चुकाने होंगे. देवी प्रतिमा के डेढ़ हाथ के केश के लिए पहले के 360 रुपये की जगह अब 460 रुपये देने पड़ रहे हैं. दो हाथ के केश के दाम 480 रुपये से बढ़कर 600 रुपये हो गये हैं. देवी के वस्त्रों और अस्त्र आदि का दाम भी बहुत ज्यादा बढ़ गया है.
एक अन्य मूर्तिकार नव कुमार पंडित ने बताया कि एक ट्रैक्टर मिट्टी का पहले तीन हजार से चार हजार रुपये लगता था. वहीं अब सात से आठ हजार रुपये लग रहा है. पूछने पर ट्रैक्टरवाले कहते हैं कि जीएसटी लागू हुआ है, सामान महंगा होगा ही. इस वजह से जिले के सभी मूर्तिकारों के लिए पूजा का यह बाजार संकटमय हो गया है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >