बेटे ने किया बेघर, बुजुर्ग मां-बाप पहुंचे अदालत

प्राइमरी शिक्षक पुत्र की मासिक आय 40 हजार फिर भी दो जून की रोटी को तरस रहे माता-पिता मालदा : जिस बेटे को उन्होंने मेहनत-मजदूरी कर पाला-पोषा, उसी बेटे के लिए अब बुजुर्ग माता-पिता बोझ हो गये हैं. ईद के ठीक पहले माता-पिता को घर से बेघर करने की घटना बांगीटोला ग्राम पंचायत के बांगीटोला […]

प्राइमरी शिक्षक पुत्र की मासिक आय 40 हजार
फिर भी दो जून की रोटी को तरस रहे माता-पिता
मालदा : जिस बेटे को उन्होंने मेहनत-मजदूरी कर पाला-पोषा, उसी बेटे के लिए अब बुजुर्ग माता-पिता बोझ हो गये हैं. ईद के ठीक पहले माता-पिता को घर से बेघर करने की घटना बांगीटोला ग्राम पंचायत के बांगीटोला गांव में घटी है. तैमूर शेख (70) और उनकी बीवी नूरनाहार बीबी (65) ने अदालत में मामला दायर कर दोनों प्राणियों के गुजारे के लिए मासिक 14 हजार रुपये की मांग की है.
पीड़ित दंपती के वकील मोहम्मद संटू मियां ने बताया, इस दंपती के पुत्र बांगीटोला ग्राम पंचायत अंतर्गत पिपोलतला प्राथमिक विद्यालय में शिक्षक हैं. लेकिन वह अपने माता पिता की देखभाल नहीं करते. हर समय दुर्व्यवहार करने के बाद आखिर में कह दिया, वे दोनों उनके लिए बोझ हैं. ऐसा कहकर उन्हें घर से निकाल दिया है. आज इस बुजुर्ग दंपती के पास न तो सिर छिपाने की जगह है और न ही खाने की कोई गारंटी.
असहाय तैमूर शेख ने बताया, खेती-बारी और दैनिक मजदूरी कर उन्होंने बेटे को आदमी बनाया, उसे पढ़ाया लिखाया. इस लायक बनाया कि वह कमा सके. आज उसकी आय 40 हजार रुपये है. वेतन से 20 हजार और प्राइवेट ट्यूशन से 20 हजार रुपये की मासिक आमद है. फिर भी उसके लिए माता-पिता आज बोझ हो गये हैं. पहले तो वे पुलिस थाने गये, प्रशासनिक अधिकारियों से गुहार लगायी. लेकिन कहीं भी जब सुनवाई नहीं हुई तो आखिर में अदालत का दरवाजा खटखटाया.
नूरनाहार बीबी ने कहा, जिस बेटे को नौ माह तक गर्भ में रखकर जन्म दिया, खुद नहीं खाकर उसे खिलाया और उसे आदमी बनाया, आज उसी संतान ने उन्हें घर से निकाल बाहर किया है. इस बारे में आरोपी पुत्र और शिक्षक सोहेल राणा ने कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया.

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