गोरखालैंड के बाद अलग कूचबिहार राज्य की मांग ने अब पकड़ा जोर

कूचबिहार : अलग राज्य गोरखालैंड की मांग के बाद अलग कूचबिहार राज्य की मांग ने भी एकबार फिर से जोर पकड़ लिया है. इसके लिए ग्रेटर कूचबिहार पीपुल्स एसोसिएशन (जीसीपीए) ने राज्य सरकार पर दबाव बनाना शुरू कर दिया है. कूचबिहार को अलग राज्य घोषित करने की मांग में जीसीपीए की ओर से सोमवार को […]

कूचबिहार : अलग राज्य गोरखालैंड की मांग के बाद अलग कूचबिहार राज्य की मांग ने भी एकबार फिर से जोर पकड़ लिया है. इसके लिए ग्रेटर कूचबिहार पीपुल्स एसोसिएशन (जीसीपीए) ने राज्य सरकार पर दबाव बनाना शुरू कर दिया है. कूचबिहार को अलग राज्य घोषित करने की मांग में जीसीपीए की ओर से सोमवार को रैली निकाली गयी. एसोसिएशन की ओर से सुबह कूचबिहार के गोसानीमारी राजपाट इलाके से रैली निकली. कूचबिहार के शहीद बाग में चिला राय की मूर्ति के समाने जमा होकर सभी रैली निकालते हुए कूचबिहार के डीएम को ज्ञापन सौंपने वाले थे. उससे पहले ही पुलिस ने उनके इरादों पर पानी फेर दिया.

प्राथमिक स्कूल मैदान से रैली एक किलोमीटर आगे बढ़ी ही थी कि गोसानीमोड़ के निकट पुलिस ने इसे रोक दिया. यहां तीन बैरिकेड लगाकर पुलिस तैनात थी. करीब एक घंटे तक पुलिस के साथ वाद-विवाद के बाद आंदोलनकारी सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन करने लगे. रैली के दौरान कोई अप्रिय घटना ना घटे इसके लिए कूचबिहार के अलावा जलपाईगुड़ी जिले से पुलिस यहां बुलायी गयी थी. जीसीपीए नेता वंशीबदन बर्मन ने बताया कि गणतांत्रिक रूप से जुलूस का आयोजन किया गया था. रैली के लिए पुलिस प्रशासन की ओर से अनुमति भी ली गयी थी. पुलिस ने रैली को बीच रास्ते में ही रोक दिया. जिस कारण सड़क पर बैठ कर विरोध प्रदर्शन किया गया. उन्होंने कहा कि हमारी मांग कूचबिहार को अलग राज्य घोषित करने की है.

संगठन के उपाध्यक्ष अनवर हुसैन ने बताया कि शांतिपूर्ण रूप से रैली निकली थी. फिर भी पुलिस ने बीच रास्ते में ही रोक दिया. कूचबिहार के खागराबाड़ी, बलरामपुर, माथाभांगा समेत कई इलाके में पुलिस ने रैली के लिए आ रहे लोगों को रोका है. उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि इस तरह से ज्यादा दिनों तक आंदोलन को दबाया नहीं जा सकता.
जीसीपीए का दावा है कि अन्यायपूर्ण तरीके से कूचबिहार राज्य को पश्चिम बंगाल के अधीनस्थ जिला घोषित किया गया. आज 28 अगस्त के दिन संगठन ने एक बार फिर कूचबिहार को अलग राज्य घोषित करने की मांग उठायी है. संगठन की ओर से आज 20 हजार ग्रेटर समर्थकों को लेकर 30 किलोमीटर पदयात्रा आयोजित करने की बात थी.
क्या कहते हैं एसडीपीओ: एसडीपीओ कुंतल बनर्जी ने कहा कि जुलूस की अनुमति नहीं दी गयी थी. अप्रिय घटना को रोकने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल की तैनात की गयी थी.
कई सालों से जारी है आंदोलन: अलग कूचबिहार राज्य की मांग में जीसीपीए की ओर से पिछले कई सालों से आंदोलन जारी है. 20 सितंबर 2005 को अलग राज्य की मांग को लेकर आंदोलन के दौरान पुलिस कर्मियों की मौत के बाद संगठन के कई शीर्ष नेताओं की गिरफ्तारी भी हुई थी. इसके बाद आंदोलन की गति धीमी हो गयी थी. संगठन दो भागों में बंट गया था. 20 फरवरी 2016 को न्यू कूचबिहार में ग्रेटर नेता वंशीबदन बर्मन के नेतृत्व में रेल रोको आंदोलन चलाया गया था. लगातार चार दिनों तक रेल रोको आंदोलन के चलते उत्तर-पूर्व भारत में रेलसेवा चरमरा गयी थी. पुलिस के साथ संघर्ष के बाद रेल रोको आंदोलन खत्म हुआ था. इस दौरान 35 ग्रेटर समर्थकों की गिरफ्तारी हुई थी. बाद में उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया गया. अब फिर से राज्य सरकार पर अलग राज्य के लिए दबाव बनाने के लिए ग्रेटर आंदोलनकारी जुट गये हैं.

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