सिलीगुड़ी की बेटी ने अमेरिका में गाड़ा झंडा, सर्वश्रेष्ठ उद्यमी अवार्ड से नवाजी गयीं शिल्पा

सिलीगुड़ी: पारंपरिक माने जाने वाली भारतीय महिलाएं अब अमेरिका में भी अपनी सफलता के झंडे गाड़ रही हैं. इसका जीता-जागता उदाहरण उस समय मिला जब सिलीगुड़ी निवासी शिल्पा मित्तल को अमेरिका के सैन फ्रैंसिस्को में सर्वश्रेष्ठ महिला एंट्रेपेन्योर एवार्ड 2017 प्रदान करने का निर्णय लिया गया. यह एवार्ड गोल्डन ब्रिज्स कंपनी ने उन्हें दी है. […]

सिलीगुड़ी: पारंपरिक माने जाने वाली भारतीय महिलाएं अब अमेरिका में भी अपनी सफलता के झंडे गाड़ रही हैं. इसका जीता-जागता उदाहरण उस समय मिला जब सिलीगुड़ी निवासी शिल्पा मित्तल को अमेरिका के सैन फ्रैंसिस्को में सर्वश्रेष्ठ महिला एंट्रेपेन्योर एवार्ड 2017 प्रदान करने का निर्णय लिया गया. यह एवार्ड गोल्डन ब्रिज्स कंपनी ने उन्हें दी है. वह 18 सितंबर को अवार्ड लेने के लिए अमेरिका जा रही हैं. इस तरह से शिल्पा मित्तल ने न सिर्फ सिलीगुड़ी शहर का बल्कि अपने देश का मान उंचा किया है.

उन्हें यह एवार्ड भाषा अनुवाद के क्षेत्र में बेहतरीन व्यवसाय करने और उसके जरिये लोगों को जोड़ने के लिये दिया गया. बकौल शिल्पा मित्तल, उनका यह व्यवसाय सौ प्रतिशत निर्यात आधारित है. उन्होंने बताया, उनके व्यवसाय के सारे ग्राहक विदशों में हैं. सही समय पर और वैज्ञानिक तरीके से अपने ग्राहकों को सेवाएं मुहैया करना उनकी पहली प्राथमिकता है.

प्रभात खबर के साथ एक खास बातचीत में शिल्पा मित्तल ने बताया कि 18 जून 1981 को उनका जन्म मुंबई के एक संभ्रात परिवार में हुआ था. शुरु से ही वे मेधावी छात्रा रहीं. साथ ही उनकी शिक्षा में भी उनके माता पिता ने उनका भरपूर उत्साह बढ़ाया. उनका मानना है कि माता पिता के साथ उनके पति शरद ने भी उनका बखूबी साथ निभाया. उनके विशेष सहयोग के चलते ही आज वे इस मुकाम पर हैं जिस पर उन्हें और उनके परिवारवालों को गर्व है. उनकी प्रारंभिक शिक्षा मुंबई में हुई.

बी.कॉम करने के बाद उन्होंने सीए किया. पति शरद को अपनी सफलता का एक महत्वपूर्ण श्रेय देते हुए कहा कि जब वे व्यवसाय के सिलसिले में अमेरिका या किसी अन्य देशों को जाती हैं तो शरद बच्चों का पूरा पूरा ख्याल रखते हैं. इसी सहयोग के दम पर आज वे इस मुकाम पर हैं. शिल्पा के दो बच्चे हैं, बड़ी बेटी छह साल की है जबकि छोटा बेटा एक साल का. पति के साथ ही शिल्पा को उनकी सास का भी पूरा पूरा सहयोग मिलता है. वे भी उन्हें आगे बढ़ते रहने के लिये प्रोत्साहित करती रहती हैं. नये उद्यमियों के लिये उनका संदेश यही है, बाहरी बंधन ही इंसान को कुछ कर गुजरने की राह में बाधा पहुंचाते हैं. इसलिये महिलाओं को अपने आप पर भरोसा कर निरंतर आगे बढ़ते रहना चाहिये. उन्होंने कहा, सफल होने से कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण है इंसान का लगातार आगे बढ़ते जाना. इसके लिये लगातार प्रयास किया जाना चाहिये.

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