2 मिनट वार्ड में विताने के बाद डाक्टर जाने लगे तब उन लोगों ने फौरन इलाज शुरू करने की बात कही. इसी बात को लेकर उन दोनों के बीच वाद-विवाद हो गया. यह पूरी घटना अस्पताल के सीसीटीवी में कैद हुयी है. इसके अतिरिक्त घटना के समय मौजूद किसी व्यक्ति ने यह वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया है. पिछले दो दिनों से यह वीडियो वायरल हो रहा है. गुरूवार को पत्रकारों से बातचीत के दौरान अस्पताल प्रबंधन की ओर से डा. एबी बोस ने बताया कि अस्पताल व डॉक्टर से संबंधित किसी की भी शिकायत हो सकती है. लेकिन इसके लिए एक डॉक्टर के साथ मारपीट करना शोभनीय नहीं है. अस्पताल के सभी डॉक्टर दिन-रात मरीजों के इलाज में जुटे रहते हैं. उनकी मानसिक स्थिति का भी अंदाजा लगाना चाहिए. डा. कल्याण देव ने बताया कि मरीज का डिटेल्स चेक करने के बाद वे उसकी जांच करने वार्ड में पहुंचे. महिला मरीज की जांच पुरूषों से सामने नहीं की जा सकती. लेकिन उन लोगों ने उनके सामने ही जांच करने का दवाब दिया. जिससे साफ इनकार करते हुए वे वार्ड बाहर निकले. तभी उन लोगों ने उन पर हमला बोल दिया. हाथापाई में उनके गले पर खरोंच के निशान भी पाए गये. उन्होंने कहा कि इस दौरान मरीज के भाई रेंजर संजय दत्त ने अपने पद और मंत्री गौतम देव का नाम लेकर धमकी भी दी.
रेंजर संजय दत्त आरोपों के घेरे में, मंत्री के नाम की भी दी धमकी
सिलीगुड़ी. एक डॉक्टर के साथ मारपीट का मामला अब तूल पकड़ रहा है. इस मामले में वन विभाग के वेलाकोबा रेंज अधिकारी संजय दत्त निशाने पर हैं. आरोप है कि उन्होंने तथा रोगी के परिजनों ने मंत्री गौतम देव का नाम लेकर धमकाया. इतना ही नहीं एक डॉक्टर के साथ हाथापायी की गयी. दोनों पक्षों […]

सिलीगुड़ी. एक डॉक्टर के साथ मारपीट का मामला अब तूल पकड़ रहा है. इस मामले में वन विभाग के वेलाकोबा रेंज अधिकारी संजय दत्त निशाने पर हैं. आरोप है कि उन्होंने तथा रोगी के परिजनों ने मंत्री गौतम देव का नाम लेकर धमकाया. इतना ही नहीं एक डॉक्टर के साथ हाथापायी की गयी. दोनों पक्षों की ओर से एक दूसरे के खिलाफ थाने में शिकायत दर्ज करायी गयी है.
उल्लेखनीय है कि अपनी बहन का इलाज कराने रेंजर माटिगाड़ा स्थित नेवटिया अस्पताल पहुंचे थे. यहीं अस्पताल के आरएमओ डा. कल्याण देव के साथ उनकी हाथापाई हो गयी. मिली जानकारी के अनुसार मरीज की तबियत खराब थी. उसी अस्पताल के कंसल्टेंट डॉ पीडी भुटिया ने मरीज को अस्पताल में भर्ती कराने की सलाह संजय दत्त को दी. रेंजर संजय दत्त बीमार बहन के साथ दोपहर के तीन बजे नेवटिया अस्पताल पहुंचे. रोगी के परिजनों का कहना है कि छह बजे आरएमओ पहली बार मरीज को देखने पहुंचे.
क्या कहते हैं रेंजर
इस संबंध में रेंजर संजय दत्त का कहना है कि मरीज को लेकर अस्पताल पहुंचने के दो घंटे बाद भी भर्ती नहीं लिया गया. भर्ती लेने के एक घंटे बाद डाक्टर आये और फौरन जाने लगे. उनका दिमाग भी काफी गर्म था. जब उन्हें इलाज शुरू करने को कहा गया तो वे हम लोगों को वार्ड से निकालने लग. वार्ड से निकलने के लिए उन्होंने गेट आउट शब्द का प्रयोग किया. इस बात पर उनके साथ मारपीट नहीं बल्कि वाद-विवाद जरूर हुआ.