कूचबिहार: आंदोलन खत्म कर गोरखा जन मुक्ति मोर्चा (गोजमुमो) नेताओं को मुख्यमंत्री के साथ बातचीत करनी चाहिए. अशांत पहाड़ को शांत करने का यह सुझाव उत्तर बंगाल विकास मंत्री रवींद्रनाथ घोष ने दिया है. मंत्री ने कहा कि विमल गुरुंग ने एक दिन पहाड़ में बैठ कर कहा था कि ममता बनर्जी पहाड़ की मां हैं. अब पहाड़ की उसी मां के साथ मोर्चा नेताओं को बैठक करनी चाहिए.
मंत्री ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस चाहती है कि पहाड़ का जनजीवन स्वाभाविक हो. जब भी पहाड़ के विकास को लेकर कोई बातचीत शुरू होनेवाली होती है तभी पहाड़ की परिस्थिति भयंकर हो जाती है. जबकि पहाड़ के स्थानीय लोग अशांति के खिलाफ है. पहाड़ की अशांति के पीछे बाहरी तत्व का हाथ होने का दावा मंत्री ने किया.
श्री घोष ने कहा कि अब तक आंदोलन के चलते 600 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है. अगर आगे भी आंदोलन जारी रहा तो पहाड़ के लोग बगावत कर देंगे. आंदोलन से सबसे ज्यादा धक्का पर्यटन व्यवसाय को लगा है. होटल बंद हैं, वाहनों की आवाजाही बंद है. पहाड़ में खाने के लाले पड़ गये है. रसद तो छोड़ ही दें, दवाई तक पहाड़ में ले जाने नहीं दी जा रही है. विकास थम गया है. ऐसा ओछा आंदोलन आज तक कहीं नहीं होने का दावा मंत्री ने किया.
