बाढ़ के बाद संक्रामक बीमारियों का आतंक

कूचबिहार. जिले में बाढ़ की स्थिति में कुछ हद तक सुधार हो रहा है. लेकिन दूसरी ओर इसका असर लोगों के स्वास्थ्य पर भी पड़ रहा है. जिला स्वास्थ्य विभाग के सूत्र के अनुसार, हल्दीबाड़ी में डेंगू का एक मरीज पाया गया है. जबकि दिनहाटा महकमा के ओकराबाड़ी में एक संदिग्ध डेंगू के मरीज की […]

कूचबिहार. जिले में बाढ़ की स्थिति में कुछ हद तक सुधार हो रहा है. लेकिन दूसरी ओर इसका असर लोगों के स्वास्थ्य पर भी पड़ रहा है. जिला स्वास्थ्य विभाग के सूत्र के अनुसार, हल्दीबाड़ी में डेंगू का एक मरीज पाया गया है. जबकि दिनहाटा महकमा के ओकराबाड़ी में एक संदिग्ध डेंगू के मरीज की पहचान हुई है. बाढ़ का पानी कम होने के साथ-साथ विभिन्न ग्रामीण इलाकों में मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है. इस वजह से कई इलाकों से डायरिया के प्रकोप की भी खबर मिल रही है.

स्वास्थ्य विभाग के सूत्र के अनुसार, दो विशेषज्ञों से बात चल रही है. उनकी सलाह के अनुसार जरूरी कदम उठाये जा रहे हैं. विभाग की ओर से प्रभावित इलाकों में स्वास्थ्य जागरूकता शिविर आयोजित कर लोगों को विभिन्न तरह के संक्रामक रोगों से बचने के लिए सचेत किया जा रहा है. शनिवार को दिनहाटा महकमा अस्पताल की ओर से सालमारा में स्वास्थ्य शिविर आयोजित कर करीब 800 मरीजों का इलाज किया गया. एसयूसीआइ की ओर से भी स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित किये जा रहे हैं.

बाढ़ के चलते खासतौर से ग्रामीण इलाकों में पेयजल का संकट पैदा हो गया है. जगह-जगह पाइपलाइन के टूटने से शहरी क्षेत्रों में भी जलापूर्ति प्रभावित हो रही है. लोग कुएं और तालाबों के पानी पर निर्भर कर रहे हैं. इस से वे संक्रमण का शिकार हो रहे हैं. बाढ़ ने जलापूर्ति व्यवस्था को भी कटघरे में ला खड़ा किया है. प्रशासन की ओर से पहले से इसकी कोई व्यवस्था नहीं किये जाने से आम लोगों की परेशानी बढ़ गयी है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >