जलपाईगुड़ी; कोई महिला चाय श्रमिक अगर निर्धारित वजन से ज्यादा चाय की पत्तियां तोड़ती है तो उसे तोहफे में साड़ी प्रदान की जायेगी. निर्धारित 25 किलो की जगह 100 किलो चाय पत्ती तोड़ने पर महिला श्रमिकों को तोहफे में साड़ी मिलेगी. वहीं चाय बागान के सरदारों को शर्ट-पैंट दिया जायेगा. उपहार देने का यह निर्णय जलपाईगुड़ी के गुडरिक ग्रुप के डेंगुआझार चाय बागान प्रबंधन ने लिया है. बागान के मैनेजर जीवन चंद्र पांडेय ने बताया कि आम तौर पर प्रति दिन 25 किलो चाय पत्ती तोड़ना जरूरी है. अतिरिक्त प्रति किलो चाय पत्ती तोड़ने पर साढ़े तीन रुपये इंसेंटिव दिया जाता है.
इस साल चाय उद्योग में श्रमिकों की विभिन्न समस्याओं को लेकर फर्स्ट फ्लश के दौरान चाय पत्तियां कम तोड़ी गयी थीं. सेकेंड फ्लश के टाइम पत्ती तोड़ने के दौरान इतनी बारिश हुई कि श्रमिकों को काम करने में बेहद परेशानी हुई. चाय की पत्ती बड़ी न हो जाये यह सोच कर पत्ता तोड़ने के लिए पुरस्कार वितरण का नियम चालू किया गया. प्रबंधन के अनुसार, इस साल सामान्य से 50 प्रतिशत कम बारिश हुई है. इसलिए चाय बागानों में सिंचाई भी की गयी है.
गुडरिक ग्रुप के डेंगुआझार चाय बागान में हाल ही में चार महिला श्रमिकों 100 किलो चाय पत्ती तोड़ने के लिए साड़ी देकर पुरस्कृत किया गया है. श्रमिक सुचित्रा तिग्गा ने बताया कि अतिरिक्त चाय पत्ती तोड़ने पर उन्हें अतिरिक्त पैसे मिलते हैं, लेकिन साड़ी के पुरस्कार से काम के प्रति उत्साह बढ़ गया है. बागान के सभी डिवीजनों में पुरस्कार वितरण की व्यवस्था किया गया है.
बागान मैनेजर ने बताया कि पूजा के पहले अतिरिक्त पत्तियां तोड़ने पर पुरस्कार घोषणा करने से लक्ष्य पूरा करने में काफी हद तक सफलता मिली है. उन्होंने बताया कि डेंगुआझार चाय बागान में स्थायी कर्मचारियों की संख्या 1500 हैं. पूजा के बाद बागान के जिन सरदारों के अधीनस्थ 100 किलो ज्यादा चाय पत्ती तोड़ी जायेगी, उन सरदारों को भी पुरस्कार प्रदान किया जायेगा. बागान के जोनल वेलफेयर मैनेजर आशीष साहा ने बताया कि पूजा के पहले साड़ी के पुरस्कार को लेकर महिला चाय श्रमिकों में उत्साह देखा जा रहा है.
