भारत में पैदा होनेवाला हर इंसान हिंदू : मनमोहन वैद्य
सिलीगुड़ी. भारत में जन्म लेने वाला हर इंसान हिंदू है.यह आरएसएस की विचारधारा शुरू से ही रही है. इसके साथ ही आरएसएस कभी भी मुसलमानों का विरोधी नहीं रहा है. आरएसएस ने उन सभी का विरोध किया है जो राष्ट्रविरोधी हैं. यह कहना है आरएसएस के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख मनमोहन वैद्य का. वह सिलीगुड़ी […]
सिलीगुड़ी. भारत में जन्म लेने वाला हर इंसान हिंदू है.यह आरएसएस की विचारधारा शुरू से ही रही है. इसके साथ ही आरएसएस कभी भी मुसलमानों का विरोधी नहीं रहा है. आरएसएस ने उन सभी का विरोध किया है जो राष्ट्रविरोधी हैं. यह कहना है आरएसएस के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख मनमोहन वैद्य का.
वह सिलीगुड़ी में आरएसएस कार्यालय में हमारे प्रतिनिधि से विशेष बातचीत कर रहे थे. श्री वैद्य ने कहा कि आरएसएस ने कभी भी हिंदू और मुसलमान में कोई फर्क नहीं किया है. आरएसएस की विचारधारा ही यही है कि भारत में जन्म लेने वाला हर इंसान हिंदू है. श्री वैद्य ने गोरक्षा पर भी अपनी प्रतिक्रिया ब्यक्त की. उन्होंने कहा कि गोरक्षा को धर्म से जोड़ना सही नहीं है.गोरक्षा देश के सभी लोगों का कर्तब्य है. हां गोरक्षा के नाम पर किसी भी प्रकार के हिंसा का वह समर्थन नहीं करते. गोरक्षा देश का पशुधन है,करोड़ों लोगों की आस्थाएं इससे जुड़ी हुयी है.
इसलिए गोरक्षा होनी चाहिए.लेकिन गोरक्षकों को कानून अपने हाथ में नहीं लेना चाहिए. यदि लगे कि कही गो तस्करी हो रही है तो कानून के दायरे में इसका विरोध करना चाहिए. कानून की सहायता लेनी चाहिए.श्री वैद्य ने उत्तर प्रदेश सरकार के उस निर्देश का भी स्वागत किया जिसमें कहा गया है कि मदरसों में स्वतंत्रता दिवस पर तिरंगा फहराना और वंदे मातरम गाना अनिवार्य कर दिया गया है. श्री वैद्य ने कहा कि इसमें बुराई क्या है. इस देश के सभी नागरिकों को तिरंगा फहराना चाहिए और वंदे मातरम गाना चाहिए.
हामिद अंसारी ने जाते-जाते राजनीतिक बयान दिया
श्री वैद्य ने देश के पूर्व उप राष्ट्रपति हामिद अंसारी बयान के भी आलोचना की,जिसमें उन्होंने कहा था कि इन दिनों देश के मुसलमान अपने आप को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं. इस बयान पर श्री वैद्य ने कहा कि जाते-जाते हामिद अंसारी ने एक राजनीतिक बयान दिया है. वह देश के रातनीति ब्यक्ति रहे इसी कारण से उन्होंने ऐसा राजनीतिक बयान दिया है.वास्तविकता तो यह है कि इस देश में जितना सुरक्षित हिंदू या अन्य किसी वर्ग के लोग हैं,उतना ही सुरक्षित मुसलमान भी हैं.उन्होंने कहा कि देश के पूर्व राष्ट्रपति अब्दुल कलाम ने कभी नहीं कहा कि देश के मुसलमान असुरक्षित हैं. क्योंकि वह राजनीतिक ब्यक्ति नहीं है. इस देश की यही तो समस्या है कि मुसलमानों के नाम पर बस राजनीति की जा रही है.