सिलीगुड़ी. अलग गोरखालैंड राज्य के आंदोलन को खत्म करने के लिए राज्य सरकार को राजधर्म का पालन करना चाहिए. यह बात सिलीगुड़ी कॉलेज की एक शिक्षिका ने कही. हालांकि कार्यक्रम में उपस्थित मंत्री गौतम देव इस पर कोई जवाब नहीं दे सके. उन्होंने सिर्फ यह कहा कि पहाड़ पर शांति बहाली के लिए राज्य सरकार हर संभव प्रयास कर रही है.
उत्तर बंगाल विश्वविद्यालय के अंतर्गत सिलीगुड़ी कॉलेज में वर्चुअल क्लासरूम व शुद्ध पेयजल व्यवस्था की शुरूआत की गयी है. पर्यटन मंत्री गौतम देव ने इसका उद्घाटन किया. उद्घाटन कार्यक्रम के बाद मंत्री की विद्यार्थियों व प्रोफेसरों के साथ अलग गोरखालैंड राज्य मुद्दे को लेकर एक चर्चा भी हुई. सभी ने पहाड़ पर फिर से शांति बहाल करने की बात कही. इसी क्रम में सिलीगुड़ी कॉलेज में भूगोल विषय की अध्यापिका नीमा डोमा लामा ने राज्य सरकार से राजधर्म निभाने की अपील की. पहाड़ पर रह रहे अपने परिवार की स्थिति का वर्णन करते हुए उनकी आंखें नम हो गयीं.
मंत्री के समक्ष प्रश्न रखते हुए उन्होंने कहा कि पहाड़ बंगाल का शिखर है. लेकिन पर्यटन को छोड़कर पहाड़ के विकास की ओर ध्यान नहीं दिया गया. अलग राज्य को लेकर जारी आंदोलन के दौरान भी पर्यटन, व्यवसाय, सरकारी संपत्ति आदि को पहुंचे नुकसान का आंकलन किया जा रहा है. आंदोलन की वजह से पहाड़ पर रह रहे नागरिकों की स्थिति से सरकार का कोई सरोकार ही नहीं है.
उन्होंने बताया कि पहाड़ पर बिजली गुल है. इंटरनेट व मोबाइल परिसेवा पूरी तरह से बाधित है. खाद्य संकट भुखमरी को न्योता दे रहा है. छलकती आंखों से मंत्री की तरफ देखते हुए अध्यापिका ने बताया कि उनका पूरा परिवार दार्जिलिंग के जालापहाड़ इलाके में रहता है. पिछले दो महीने से परिवार के साथ उनका कोई संपर्क नहीं हो रहा है. राज्य के प्रतिनिधि होने की हैसियत से इस समस्या के समाधान के लिए वे क्या कर सकते हैं. हमेशा से बहुसंख्यक, अल्पसंख्यकों पर भारी पड़ा है. ऐसी परिस्थिति में राज्य सरकार को राजधर्म का पालन करना चाहिए. इसके जवाब में मंत्री गौतम देव ने बस इतना कहा कि पहाड़ पर शांति वापस लाने के लिए राज्य सरकार हर संभव प्रयास कर रही है. पहाड़ के नागरिकों को हो रही समस्याओं के लिए आंदोलनकारी व आंदोलन को सह देने वाले लोगों को सोचना चाहिए.
