संकट: ग्रेटर कूचबिहार पीपुल्स एसोसिएशन ने किया एलान, अलग कूचबिहार राज्य के लिए 28 से आंदोलन

कूचबिहार. भारत में शामिल होने संबंधी समझौते के मुताबिक कूचबिहार को अलग ‘ग’ श्रेणी का दर्जा देने की मांग पर फिर से आंदोलन की स्थिति बन रही है. ग्रेटर के कार्यकर्ता एकजुट हो रहे हैं. ग्रेटर कूचबिहार पीपुल्स एसोसिएशन (जीसीपीए) ने बुधवार को पत्रकारों को संबोधित करते हुए अलग राज्य की मांग पर आंदोलन शुरू […]

कूचबिहार. भारत में शामिल होने संबंधी समझौते के मुताबिक कूचबिहार को अलग ‘ग’ श्रेणी का दर्जा देने की मांग पर फिर से आंदोलन की स्थिति बन रही है. ग्रेटर के कार्यकर्ता एकजुट हो रहे हैं. ग्रेटर कूचबिहार पीपुल्स एसोसिएशन (जीसीपीए) ने बुधवार को पत्रकारों को संबोधित करते हुए अलग राज्य की मांग पर आंदोलन शुरू करने का एलान किया है.

साथ ही 28 अगस्त को पदयात्रा निकाली जाएगी. जिसमें 20 हजार ग्रेटर समर्थक शामिल होंगे. कूचबिहार के जिलाधिकारी कौशिक साहा को इसे लेकर ज्ञापन सौंपेगे. भारत के अंतर्गत आने संबंधी समझौते के मुताबिक कूचबिहार को अलग राज्य के तौर पर घोषित किए जाने की मांग पूरा करने के लिए वे आंदोलन करेंगे. कूचबिहार के जिलाधिकारी कौशिक साहा ने बताया कि इस संबंध में वह खबर लेंगे.

पहले भी कई बार हुआ आंदोलन
कूचबिहार राज्य की मांग को लेकर पहले भी कई बार तीव्र आंदोलन हो चुके हैं. 20 सितंबर 2005 को ग्रेटर की इस मांग पर निकाले गये जुलूस में पुलिस अधिकारी व कार्यकर्ताओं की मौत ने पूरे राज्य को हिला कर रख दिया था. इसके बाद संगठन के शीर्ष नेताओं की गिरफ्तारी के बाद यह आंदोलन प्रभावित हुआ. संगठन दो भागों में बंट गया. पिछले वर्ष 20 फरवरी को न्यू-कूचबिहार ग्रेटर नेता वंशीबदन बर्मन के समर्थकों ने रेल जाम कर दिया. लगातार चार दिनों चले रेल रोको आंदोलन की वजह से उत्तर पूर्वी भारत के साथ संपर्क टूट गया. अंत में पुलिस के साथ संघर्ष के बाद इस रेल अवरोध को हटाया गया. जिसमें 35 ग्रेटर नेता व कार्यकर्ता गिरफ्तार हुए. इन्हें जमानत पर रिहाई मिली. इस वर्ष जून में बिजली बिल के बहिष्कार के आह्वान पर विरोध जुलूस निकाला गया. अब राज्य सरकार पर दबाव डालने के लिए ग्रेटर समर्थक आंदोलन की तैयारी में जुट गये हैं. इस बीच बैठकें की जा रही है.
1949 में स्वतंत्र कूचबिहार रजवाड़े के विलय का हुआ था समझौता
1949 के 28 अगस्त को स्वतंत्र कूचबिहार रजवाड़े को भारत में शामिल करने संबंधी समझौता हुआ. ग्रेटर कूचबिहार पीपुल्स एसोसिएशन का कहना है कि गलत तरीके से कूचबिहार राज्य को पश्चिम बंगाल के जिले के तौर पर शामिल कर लिया गया. 28 अगस्त को अलग राज्य की मांग को लेकर फिर यह आंदोलन शुरू होगा.

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