हावड़ा : हावड़ा कोर्ट के निर्देश पर एक व्यक्ति को अपनी पत्नी को मुआवजा देने के लिए मां का कुल्हड़ तोड़ना पड़ा. उसने खुदरा पैसों से मुआवजे की राशि भरी. उसने कुल 24,800 रुपये दिये जिसमें एक, पांच व 10 के सिक्के थे.
व्यक्ति का नाम सुकुमल साहा है. सुकुमल की शादी पांच साल पहले हुई थी. पत्नी के साथ संबंध अच्छे नहीं होने के कारण उसने अदालत में तलाक का मामला दायर किया था. मामले की सुनवाई करते हुए न्यायाधीश ने प्रति माह 3500 रुपये बतौर मुआवजा देने का फैसला सुनाया. नगर निगम के 100 दिन रोजगार के तहत काम करनेवाले सुकुमल के लिए प्रति माह यह रकम देना संभव नहीं है.
इसी कारण उसने अपनी बुढ़ी मां का कुल्हड़ फोड़ा जिसमें से कुल 24,800 रुपये निकले. खुदरा पैसे लेकर वह न्यायाधीश के समक्ष हाजिर हुआ आैर ये खुदरा पैसे बतौर मुआवजा पत्नी को सौंप दिया. सुकुमल ने कहा कि उसे रोज के 100 रुपये मिलते हैं. प्रति माह 3500 रुपये देना संभव नहीं है. मैं बेटी के लिए 1500 रुपये दे रहा था, लेकिन 3500 रुपये देना मुश्किल है.
