मनमानी बनी परेशानी का सबब

सिलीगुड़ी: कभी-कभी अधिक सहूलियत परेशानी का सबब बन जाती है़ घर से निकलो तो दो कदम पर टोटो मिल जाएगा. कोई परेशानी नहीं, कहीं भी जाना हो बहुत आसान है. पर गंतव्य तक पहुंचना काफी मुश्किल है, क्योंकि रास्ता जाम रहेगा तो फिर कहां जाना. यह जाम भी जब गलियों से लेकर मुख्य सड़कों पर […]

सिलीगुड़ी: कभी-कभी अधिक सहूलियत परेशानी का सबब बन जाती है़ घर से निकलो तो दो कदम पर टोटो मिल जाएगा. कोई परेशानी नहीं, कहीं भी जाना हो बहुत आसान है. पर गंतव्य तक पहुंचना काफी मुश्किल है, क्योंकि रास्ता जाम रहेगा तो फिर कहां जाना. यह जाम भी जब गलियों से लेकर मुख्य सड़कों पर लगी टोटो की लंबी कतार की वजह से लगा हो. दो वर्ष पहले से मिलती आ रही यह सहूलियत आज की तारीख में सिलीगुड़ी शहर के निवासियों के लिए परेशानी बन गयी है.

बिना लाइसेंस व रजिस्ट्रेशन की वजह से सैकड़ों बेरोजगारों का सहारा बना टोटो अब सिरदर्द बन गया है. पाकुड़तला, मार्केट रोड हो या फिर विधान रोड या फिर सेवक रोड हर जगह एक जैसी ही हालत है. यह देखकर लगता है कि शहर में ट्रैफिक का कोई नियम है ही नहीं. शहर की इस हालत की जिम्मेदारी से पुलिस व नगरपालिका सभी कन्नी काटने में लगे हैं.

इसे लेकर शहरवासियों का कहना है कि टोटो से काफी परेशानी हो रही है. टोटो चालक प्रतिस्पर्द्धा को लेकर रफ ड्राइविंग करते हैं. इस वजह से एक बार वह दुर्घटनाग्रस्त होने से बाल-बाल बची. इसे लेकर डीसीपी ट्रैफिक सुनील यादव ने इस पर अपने हाथ बंधे हुए बताते हुए कहा कि टोटो का रजिस्ट्रेशन मोटर व्हीकल एक्ट के तहत नहीं है. इसलिए इस पर नियंत्रण करने में दिक्कत हो रही है। फिर भी जहां-तहां टोटो खड़े रखने को लेकर अभियान चलाया गया. इधर, नगरपालिका के डिप्टी मेयर रामभजन महतो ने बताया कि राज्य सरकार ने टोटोवालों को टीन नंबर देने को कहा है, लेकिन इसमें भी समस्या आ रही है. जल्द ही टोटो को लेकर सर्वे किया जाएगा। शहर में प्रतिदिन बिहार, नेपाल, सिक्किम व भूटान से हजारों लोग या तो चिकित्सा के लिए या फिर शिक्षा के लिए या पर्यटन के लिए पहुंचते हैं. इनके लिए सामानों के साथ कम किराये में गंतव्य तक पहुंचने का आसान साधन होता है टोटो. इसी वजह से शहर में टोटो का दबदबा बढ़ता जा रहा है.

इधर, सिलीगुड़ी साइकिल रिक्शा ओनर्स वेलफेयर अर्गेनाइजेशन के के सचिव बापी घोष ने बताया कि सिलीगुड़ी नगर निगम साइकिल रिक्शों की संख्या गिर रही है. साथ ही टोटो पर कोई टैक्स नहीं होने से मनमाने ढंग से शहर के विभिन्न भागों में घूम रहा है. इसे लेकर कई बार टोटो व रिक्शावालों तो कभी टोटो व ऑटो चालकों में झड़प की घटनाएं भी हुईं. हालांकि कई बेरोजगार युवक जिनका पेट भरने का एकमात्र साधन टोटो है, उनका कहना है कि वह शांति से रोजगार करना चाहते हैं , प्रशासन इस पर निरपेक्ष होकर कदम उठाये ताकि सभी का पेट चल सके.

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