आदिवासियों के प्रदर्शन के दौरान हुई थी तोड़फोड़, बंद रहा रायगंज, गुस्से में व्यवसायी

रायगंज. उत्तर दिनाजपुर के रायगंज शहर में दो कारोबारी संगठनों के आह्वान पर शनिवार को दिनभर सभी बाजार बंद रहे. हर तरफ सन्नाटा पसरा रहा. चैंबर ऑफ कॉर्मस और मर्चेंट एसोसिएशन ने शुक्रवार को दुकानों में की गयी तोड़फोड़ और लूटपाट के विरोध में यह बंद बुलाया था. बंद का प्रभाव सुबह से ही देखने […]

रायगंज. उत्तर दिनाजपुर के रायगंज शहर में दो कारोबारी संगठनों के आह्वान पर शनिवार को दिनभर सभी बाजार बंद रहे. हर तरफ सन्नाटा पसरा रहा. चैंबर ऑफ कॉर्मस और मर्चेंट एसोसिएशन ने शुक्रवार को दुकानों में की गयी तोड़फोड़ और लूटपाट के विरोध में यह बंद बुलाया था. बंद का प्रभाव सुबह से ही देखने को मिला. इसके चलते रायगंज शहर के लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ी. व्यवसायियों ने शहर में विरोध मार्च भी निकाला. उनका कहना है कि उनकी दुकानों को जलाया, लूटा जाता रहा और पुलिस मूकदर्शक बनी रही.

रायगंज में चार आदिवासी महिलाओं के अपहरण और दुष्कर्म से उग्र हुए आदिवासियों ने शुक्रवार को तीर-धनुष लेकर रायगंज बस स्टैंड इलाके में अपना आक्रोश दिखाया था. पुलिस के सामने ही दुकानों में तोड़-फोड़, लूटपाट और आगजनी की गयी. इसे लेकर रायगंज शहर में अभी तक तनाव का माहौल बना हुआ है. शनिवार को भी व्यवसायी संगठनों द्वारा पुलिस प्रशासन के खिलाफ दिनभर आंदोलन जारी रहा. अपने व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद करके व्यापारी सड़कों पर उतर कर पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन करते नजर आये.

सिलीगुड़ी मोड़, मोहनबाड़ी बाजार, सुपर मार्केट, लाइन बाजार, विद्रोही मोड़ आदि इलाकों में व्यापारियों ने आग जला कर विरोध प्रदर्शन किया. आंदोलनकारी इतना आगबबूला थे कि जिला पुलिस अधीक्षक को भी उलटे पैर लौटना पड़ा. शांति-सुरक्षा बनाये रखने के लिए रायगंज के चप्पे-चप्पे पर पुलिस व कॉम्बेट फोर्स के जवान तैनात रहे.
पश्चिम दिनाजपुर चेंबर ऑफ कॉमर्स के सचिव शंकर कुंडू ने बताया कि पुलिस-प्रशासन की लापरवाही से ऐसी अस्वाभाविक परिस्थिति उत्पन्न हुई है. पुलिस सिर्फ मुकदर्शक बनी रही. उन्होंने कहा कि प्रशासन को क्षतिपूर्ति की जिम्मेदारी उठानी चाहिए. उन्होंने कहा कि शुक्रवार को जब शहर धू-धू कर जल रहा था तब सड़कों पर गिने-चुने पुलिस नजर आये. लेकिन शनिवार को व्यापारियों पर डंडा चलाने के लिए काफी तादाद में पुलिस व रैफ के जवान तैनात थे.
उत्तर दिनाजपुर जिला पुलिस अधीक्षक अमित कुमार भरत राठौड़ ने बताया कि पीड़िता की शिकायत पर पुलिस तुरंत कार्रवाई करते हुए तीन युवकों को हिरासत में लिया. उन्होंने कहा कि शुक्रवार के आंदोलन के बारे में उन्हें औपचारिक जानकारी नहीं थी. आंदोलनकारियों द्वारा व्यापारियों पर आक्रमण किये जाने को लेकर मामला दर्ज किया गया है. इस कांड में व्यापारियों का जो नुकसान हुआ है, इसको लेकर व्यवसायिक समिति के पदाधिकारियों के साथ बातचीत कर समस्या का समाधान किया जायेगा.

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