शुक्रवार दोपहर को छात्रा के साथ दुष्कर्म की घटना सामने आते ही स्थानीय क्षुब्ध महिलाओं व पुरुषों ने ग्राम पंचायत कार्यालय का घेराव करते हुए विप्लव चक्रवर्ती को कार्यालय से घसीट कर पंचायत कार्यालय से बाहर निकाल कर पुलिस स्टेशन तक ले गये. लोगों ने शिक्षक विप्लब चक्रवर्ती की जूते से पिटाई की. पुलिस ने विप्लव चक्रवर्ती को हिरासत में लेकर लोगों के आक्रोश से उसे बचाया. माटीगाड़ा बाजार निवासी सोमा सिंह ने बताया कि उनकी बेटी विप्लब चक्रवर्ती के घर में ट्यूशन पड़ने जाती थी. विप्लव पढ़ाई के बीच कभी कभी उसके साथ गंदी बातें करता था. बच्ची ने एकदिन अपनी मां को सारी बात बतायी तो उसकी मां ने विप्लव से पूछताछ की. विप्लव ने बताया कि पड़ाई के साथ साथ सबकुछ सीखना जरूरी है.
सोमा सिंह ने बताया कि गुरुवार जब उनकी बेटी विप्लव के पास पड़ने गयी तो विप्लव ने सारे बच्चों को जल्द छुट्टी दे दी और सिर्फ उनकी बेटी को रुकने के लिए कहा. बाद में विप्लव ने उनकी बेटी के साथ अश्लील हरकत की. बच्ची किसी तरह विप्लव के चंगुल से भाग निकली. शुक्रवार सुबह सोमा सिंह ने पूरी घटना की जानकारी अपने पड़ोसियों को दी. सारी बातें सुनकर स्थानीय लोगों का आक्रोश फूट पड़ा.
स्थानीय लोगों ने पंचायत कार्यालय का घेराव किया और आरोपी को पकड़ कर पीटते पीटते पुलिस के पास ले गये. इस घटना से इलाके में हड़कंप मचा हुआ है. स्थानीय लोगों ने आरोपी की उचित सजा की मांग की है. दूसरी ओर, विप्लव चक्रवर्ती का कहना है कि उनके खिलाफ बेबुनियाद आरोप लगाये गये है. माटीगाड़ा थाना के ओसी सुबल घोष ने बताया कि पूरे मामले की जांच की जा रही है. बच्ची का मेडिकल चेकअप किया गया है. रिपोर्ट का इंतजार है. आरोपी के खिलाफ निर्धारित धारा के तहत मामला दर्ज किया गया है.
