जिला सिंचाई विभाग के अनुसार, अलीपुरद्वार जिले के छह ब्लॉकों में स्थित नदियों का एक हजार वर्ग किलोमीटर इलाका असुरक्षित है. सिर्फ कुमारग्राम ब्लॉक में ही 200 वर्ग किलोमीटर असुरक्षित इलाका है. फलस्वरुप वर्षा में असंरक्षित इलाकों से नदियों का पानी छह ब्लॉक के विभिन्न इलाकों में घुस रहा है और बाढ़ की आशंका को बढ़ा रहा है.
उल्लेखनीय है कि भूटान पहाड़ में भारी बरसात होते ही जिले की नदियों का जलस्तर बढ़ जाता है. नदियों का पानी असंरक्षित इलाकों में घुस कर विभिन्न इलाकों में तट कटाव से लेकर बाढ़ की परिस्थिति उत्पन्न हो रही है. इधर, सिंचाई विभाग के हाथ में जब तक पैसा नहीं आता है तब तक सिंचाई विभाग नदियों के असंरक्षित इलाकों में सुरक्षा का इंतजाम नहीं कर पा रही है. जिले के कुमारग्राम, कालचीनी व मदारीहाट में सबसे ज्यादा तट कटाव की समस्या देखी जाती है. कुमारग्राम के रायडाक नदी के तटवर्ती असंरक्षित इलाकों में बालागुड़ी, कलाखोचा, चैंगमारीव इलाके में भी इस बार तट कटाव की आशंका बनी हुई है. उसी तरह से रायडाक नदी के दाहिने हिस्से में स्थित धनतलीख, परिमल बर्मन पाड़ा, चुनासकुजुर पाड़ा, मनीरुद्दीन पाड़ा, उत्तर नरारथली, भगतपाड़ा व छोटा दलदली में नदी का तट कटाव जारी रहने की आशंका बनी हुई है. असंरक्षित इलाके में बांध निर्माण व सुरक्षा का काम नहीं होने के चलते इस साल कालचीनी सेंट्रल डुवार्स डिवीजन के चार चाय बागान, रंगामाटी व हाथीमारा में तट कटाव व बाढ़ की आशंका देखी जा रही है. जबकि अलीपुरद्वार एक व दो नंबर ब्लॉक एवं फालाकाटा ब्लॉक में तट कटाव की समस्या उतनी गहरी नहीं है.
