प्रत्येक वर्ष इनके वेतन की वृद्धि की बात होती है. निगम प्रशासन आश्वासन भी देता है, पर आजतक इनके वेतन में एक पाई का भी इजाफा नहीं किया गया, जबकि चीजों की कीमतें 2014 के मुकाबले कई गुणा बढ़ चुकी हैं. उन्हें जो वेतन मिलता है, उतने से जीविका चलना असंभव सा हो गया है.
इसलिए मेयर से अनुरोध है कि वह फौरन उनके वेतन में वृद्धि की घोषणा करें आैर अगस्त से बढ़ाये गये पारिश्रमिक के अनुसार उन्हें वेतन दिया जाये. श्री चक्रवर्ती ने कहा कि दुर्गापूजा नजदीक है. इसे देखते हुए निगम सौ दिन रोजगार योजना की कर्मचारियों को पांच हजार रुपये आर्थिक अनुदान दे. इस प्रस्ताव का समर्थन करते हुए भाजपा पार्षद विजय आेझा ने कहा कि आज की तारीख में बड़ाबाजार इलाके में एक मजदूर रोजाना 500 रुपये से अधिक कमा लेता है. निगम इन कर्मचारियों को जितना पारिश्रमिक देता है, उतने रुपये में भारत में कहीं कोई मजदूर नहीं मिलेगा. मेयर प्रत्येक वर्ष आश्वासन देते हैं, पर उन्होंने आज तक पूरा नहीं किया. अब वक्त आ गया है कि मेयर अपने वादे को पूरा करें. वहीं माकपा की रत्ना राय मजुमदार ने कहा कि इस मुद्दे पर केवल विपक्ष ही नहीं सभी पार्षद चिंतित हैं.
दुर्गापूजा करीब आ रहा है. इसलिए मेयर मुख्यमंत्री के निर्देश का इंतजार न करें, बल्कि मेयर फंड से उन्हें अनुदान देने की व्यवस्था करें. प्रस्ताव का जवाब देते हुए मेयर शोभन चटर्जी ने कहा कि मांग से वह सहमत हैं. पर वेतन वृद्धि के मुद्दे पर फैसला वह विचार विमर्श करने के बाद ही लेंगे.
