सिलीगुड़ी. जब पश्चिम बंगाल में अलग राज्य गोरखालैंड आंदोलन चरम पर है उसी दौरान पूर्वोत्तर के दो राज्यों असम और त्रिपुरा में भी अलग राज्यों के आंदोलनों ने जोर पकड़ लिया है. गोरखालैंड आंदोलन से प्रभावित सिलीगुड़ी में इसके चलते स्थिति और खराब हो गयी है. खासकर रेल यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है.
असम में ऑल असम कोच राजवंशी स्टूडेंट्स यूनियन (आक्रासू) ने अलग कामतापुर राज्य की मांग को लेकर रेल रोक आंदोलन शुरू किया है, तो दूसरी तरफ इंडीजिनस पीपुल फोरम ऑफ त्रिपुरा ने अलग तिप्रालैंड की मांग को लेकर त्रिपुरा बंद बुलाया है. उल्लेखनीय है कि पूर्वोत्तर को आने-जाने वाली सभी ट्रेनें सिलीगुड़ी (एनजेपी स्टेशन) से होकर ही गुजरती हैं, इसलिए असम और त्रिपुरा के आंदोलनों ने सिलीगुड़ी में रेल परिवहन को प्रभावित किया है.
कामतापुर और तिप्रालैंड आंदोलनों की वजह से सिलीगुड़ी स्थित न्यू जलपाईगुड़ी व सिलीगुड़ी जंक्शन रेलवे स्टेशन पर यात्रियों को काफी परेशान देखा गया. सोमवार को आक्रासू की ओर से 12 घंटे का रेल रोको आंदोलन किया गया. सुबह पांच बजे से ही आंदोलनकारी छात्र संगठन के सदस्यों ने असम में रेल लाइन को बाधित कर किया. इस आंदोलन की वजह से कटिहार रेलवे स्टेशन से लेकर पड़ोसी राज्य असम तक प्रत्येक रेलवे स्टेशन पर दूरगामी ट्रेनें खड़ी रहीं. ट्रेनों के निर्धारित समय से लेट होने की वजह से सभी बड़े स्टेशनों पर यात्रियों का जमावड़ा लगा रहा.
सोमवार को सुबह से आक्रासू ने असम के बासुगांव रेलवे स्टेशन के नजदीक रेलवे लाइन को अवरुद्ध कर दिया. इसकी वजह से असम से भारत की विभिन्न दिशाओं में जाने वाली दूरगामी ट्रेनों की आवाजाही ठप हो गयी. मालगाड़ी सहित सभी प्रकार की यात्री ट्रेनों को रोक दिया गया. आंदोलन की वजह से पूर्वोत्तर सीमांत (एनएफ) रेलवे बुरी तरह प्रभावित हुई. तिप्रालैंड आंदोलन की वजह से सियालदह से अगरतला जानेवाली ट्रेन पर असर पड़ा.
व्यवसाय पर भी गहरा असर
अलग राज्य गोरखालैंड आंदोलन सिलीगुड़ी के कच्चे माल के व्यापारियों की कमर तोड़ कर रख दी है. असम में कामतापुर आंदोलन को लेकर आंदोलन का व्यापार पर गहरा असर हुआ है. सिलीगुड़ी रेगुलेटेड मार्केट से सब्जी, फल व मछली असम भेजी जाती है. लेकिन आंदोलन की वजह से कच्चे माल से लदे काफी ट्रक सिलीगुड़ी से रवाना ही नहीं हो पाये. फलस्वरूप भारी मात्रा में कच्चे माल के खराब होने की आशंका जतायी जा रही है. सिलीगुड़ी के व्यवसायियों का कहना है कि इसी तरह चलता रहा तो व्यापारियों को भारी नुकसान होगा.
इन ट्रेनों पर पड़ा है असर
पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे मुख्यालय मालीगांव से मिली जानकारी के अनुसार, गुवाहाटी-इंदौर एक्सप्रेस, डिब्रूगढ़-नयी दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस को असम के न्यू बोंगाईगांव रेलवे स्टेशन पर रोका गया. डिब्रूगढ़-हावड़ा कामरूप एक्सप्रेस को बरपेटा रोड स्टेशन, गुवाहाटी- आनंदविहार नॉर्थ इस्ट एक्सप्रेस को नलबाड़ी व डिब्रूगढ़-दिल्ली ब्रह्मपुत्र मेल को रंगिया रेलवे स्टेशन पर रोका गया. दूसरी तरफ जम्मू-गुवाहाटी अमरनाथ एक्सप्रेस को जलपाईगुड़ी जिले के फालाकाटा, ओखा-गुवाहाटी एक्सप्रेस व हावड़ा-गुवाहाटी सराईघाट एक्सप्रेस को न्यू कूचबिहार, मुम्बई-गुवाहाटी लोकमान्य तिलक एक्सप्रेस को न्यू अलीपुरद्वार, हावड़ा-डिब्रूगढ़ कामरूप एक्सप्रेस, कोलकाता-गुवाहाटी गरीबरथ एक्सप्रेस व यशवंतपुर-कामाख्या एसी एक्सप्रेस को न्यू जलपाईगुड़ी, दिल्ली-डिब्रूगढ़ ब्रह्मपुत्र मेल को अलुआबाड़ी रोड, राजेंद्र नगर-गुवाहाटी कैपिटल एक्सप्रेस को अलीपुरद्वार जंक्शन, नयी दिल्ली-डिब्रूगढ़ राजधानी एक्सप्रेस को कटिहार रेलवे स्टेशन पर रोक दिया गया. आंदोलन की आंधी त्रिपुरा में फैली. त्रिपूरा बंद होने की वजह से सियालदह से अगरतला जानेवाली कंचनजंघा एक्सप्रेस को गंतब्य से पहले ही बदरपुर रेलवे स्टेशन पर रोक दिया गया.
