जीएसटी को लेकर बेवजह चिंता ना करें : अशोक अग्रवाल
सिलीगुड़ी. आखिर में करीब 14 सालों की लम्बी उठा-पटक के बाद एक देश एक कर प्रणाली वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) पूरे देश में लागू हो गया. इसमें कोई संदेह नहीं कि इससे देश को व्यापक लाभ मिलेगा. जीडीपी बढ़ेगी, कर चोरी पर अंकुश लगेगा एवं देश आगे बढ़ेगा. यह बातें सिलीगुड़ी इन्फोलाइन के निदेशक […]
सिलीगुड़ी. आखिर में करीब 14 सालों की लम्बी उठा-पटक के बाद एक देश एक कर प्रणाली वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) पूरे देश में लागू हो गया. इसमें कोई संदेह नहीं कि इससे देश को व्यापक लाभ मिलेगा. जीडीपी बढ़ेगी, कर चोरी पर अंकुश लगेगा एवं देश आगे बढ़ेगा. यह बातें सिलीगुड़ी इन्फोलाइन के निदेशक अशोक अग्रवाल ने कही. वह प्रभात मेहमान कॉलम के लिए अपनी राय व्यक्त कर रहे थे. श्री अग्रवाल ने कहा कि इस व्यवस्था के बारे में तरह-तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं. राजनीति भी खूब हो रही है. इन सब बातों को दरकिनार करते हुए इस बेहतरीन प्रणाली को अमल में लाने के लिए जो खामियां हैं उस पर थोड़ी चर्चा करें तो ज्यादा बेहतर होगा.
श्री अग्रवाल ने आगे कहा कि यह व्यवस्था पूर्ण रूप से कंप्यूटर एवं इंटरनेट आधारित है. इस व्यवस्था को सुचारु रुप से चलाने के लिए बहुत बड़ी संख्या में एकाउंट्स के जानकार एवं उनके सहायक चाहिए.करीब-करीब सभी को इनकी सेवा लेने की आवश्यकता पड़ेगी एवं जानकारों के मुताबिक इतनी बड़ी संख्या में एकाउंट्स के जानकारों की कमी हो सकती है.
हालांकि केन्द्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने जुलाई महीने के प्रथम रिटर्न देने की तारीख 5 सितम्बर तक बढ़ा दी है. फिर भी मेरी राय में इसे अगर अक्टूबर-नवंबर तक छूट दे दी जाय, तो कर देने वालों की चिंताएं काफी हद तक कम हो जाएगी. तब तक वह इस नयी व्यवस्था में अपने आपको व्यवस्थित ढंग से ढाल पायेंगे. उन्होंने कहा कि कुछ दिनों से यह भी अफवाह जोरों पर है कि काफी क्षेत्रों में थोड़ी बहुत कर की हेराफेरी या गलती होने पर गिरफ्तारी एवं एक साल से 5 साल तक जेल जाने का प्रावधान है.
यह भी कहा जा रहा है कि छोटे एवं मझले व्यापारियों को इस प्रावधान की वजह से जबरदस्त परेशानी झेलनी पड़ सकती है, यह सब अफवाहें सत्य नहीं है. वास्तव में जीएसटी कानून के तहत एक करोड़ से ऊपर कर की हेराफेरी होने पर एक साल तक एवं 5 करोड़ से ऊपर कर हेराफेरी के मामले में 5 साल तक जेल जाना पड़ सकता है.
ऐसा नहीं कि आपकी कोई छोटी-मोटी गलतियों के लिए इन सजाओं का प्रावधान है. इसमें यह भी लिखा हुआ है कि छोटी-मोटी अनजाने में हुई गलतियों के लिए मामूली फाइन या चेतावनी दी जाएगी. उन्होंने कहा कि मेरे विचार में इस समय जब यह नई प्रणाली अमल में आ ही चुकी है तो इसके बारे में बेमतलब नकारात्मक सोच में समय नष्ट न करके इसे अच्छी तरह समझने में एवं व्यवस्थित ढंग से अपने व्यवसाय में इसे लागू करने में लगना चाहिए, तो ही फायदा है.