सिलीगुड़ी: गोरखालैंड विरोधी आंदोलन में शुक्रवार को एकबार फिर सिलीगुड़ी में जनसैलाब उमड़ पड़ा. ज्वाइंट फोरम फोर पिस युनिटी के बैनर तले सिलीगुड़ी में निकाली गयी विशाल शांति रैली में छात्र, युवक-युवतियां, बुद्धिजीवि, कारोबारी के अलावा अन्य विभिन्न सामाजिक संगठनों व दर्जनों क्लबों के कार्यकर्ता हजारों की संख्या में शामिल हुए.
बंगाल विभाजन के विरोध में प्रदर्शनकारियों ने जहां अपने बंगला प्रेम का प्रदर्शन काफी उत्साह के साथ किया वहीं, तिरंगों से शहर पट गया और मेरे देश की धरती, सोना उगले हीरे मोती… जैसे देशभक्ति गानों से शहर सराबोर हो उठा. रैली को लेकर पहले से तय समय के तहत प्रदर्शनकारी अपराह्न तीन बजे बाघाजतीन पार्क में इकट्ठे हुए. विशाल शांति रैली बाघाजतीन पार्क से शुरु होकर जैसे-जैसे शहर के प्रमुख सड़क कचहरी रोड, हाशमी चौक, हिलकार्ट रोड की ओर कूच करती गयी, रास्तों में भी प्रदर्शनकारी रैली में जुड़ते चले गये और कारवां बढ़ता चला गया. रैली एयरव्यू मोड़ पहुंचकर प्रदर्शन में तब्दील हो गयी. यहां भारी पुलिस बल के सामने ही प्रदर्शनकारियों ने गोरखालैंड आंदोलन के अग्रिम नेता सह गोरखा जनमुक्ति मोरचा के सुप्रीमो विमल गुरुंग का पुतला जलाया और कुछ युवाओं ने उग्र प्रदर्शन किया. हालांकि पुलिस ने त्वरित कार्रवायी करते हुए प्रदर्शनकारियों को उग्र होने से रोका और माहौल को तनावपूर्ण होने से बचा लिया. इनलोगों का कहना था कि किसी भी कीमत पर बंगाल का विभाजन नहीं होने देंगे. एयरव्यू मोड़ से प्रदर्शनकारी सिलीगुड़ी जंक्शन, प्रधाननगर होते हुए दार्जीलिंग मोड़ की ओर जाने के लिए काफी उत्सुक दिखे लेकिन पुलिस ने शहर की शांति-सुरक्षा के मद्देनजर प्रदर्शनकारियों को दार्जीलिंग मोड़ की ओर जाने ही नहीं दिया.
तृणमूल नेता के चिल्लाने का असर नहीं
एयरव्यू मोड़ पर ज्वाइंट फोरम फोर पिस युनिटी के तृणमूल कांग्रेस (तृकां) शिक्षा सेल के नेता जयंत कर माइक लेकर प्रदर्शनकारियों को एयरव्यू मोड़ से आगे बढ़ते हुए सेवक मोड़, पानीटंकी मोड़ की ओर कूच करने और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगातार चिल्लाते रहे, लेकिन श्री कर के चित्कार का प्रदर्शनकारियों पर कोई असर नहीं पड़ा. प्रदर्शनकारी अपने नेता और संगठन के निर्देश की अवहेलना करते हुए उग्र प्रदर्शन करते रहे. इस दौरान कुछ उपद्रवियों ने एयरव्यू मोड़ पर स्थित राज्य रेल पुलिस (जीआरपी) के सुपरिटेंडेट दफ्तर के सामने उपद्रव करने की नाकाम कोशिश भी की. लेकिन पुलिस की तत्परता से हालात को बिगड़ने से बचा लिया गया.
पुलिस को करनी पड़ी मशक्कत
एयरव्यू मोड़ से प्रदर्शनकारियों को हटाने में पुलिस प्रशासन को भी कड़ी मशक्कत करनी पड़ी. शांति-सुरक्षा के मद्देनजर सिलीगुड़ी मेट्रोपॉलिटन पुलिस के नये कमिश्नर नीरज कुमार सिंह भारी दलबल के साथ एयरव्यू मोड़ पर मुश्तैद थे. पुलिस अधिकारियों द्वारा प्रदर्शनकारियों को बार-बार आगे बढ़ने की गुजारिश कर रहे थे लेकिन उनपर पुलिस की गुजारिशों का कोई असर नहीं पड़ रहा था. बाद में प्रदर्शनकारी तकरीबन एक घंटे के प्रदर्शन के बाद खुद ही सेवक मोड़ की ओर आगे बढ़ने लगे. इस दौरान इस शांति रैली का अंतिम छोर हाशमी चौक से भी आगे तक देखा गया. इस वजह से शहर की शांति और सुरक्षा पुलिस प्रशासन के लिए चुनौती बनी हुई थी.
पुलिस ने एयरव्यू मोड़ को किले में किया तब्दील
सिलीगुड़ी मेट्रोपॉलिटन पुलिस के नये कमिश्नर नीरज कुमार सिंह के निर्देश पर एयरव्यू मोड़ को पहले से ही किले में तब्दील कर दिया गया था. शहर की शांति और सुरक्षा के साथ ही विशाल रैली दार्जीलिंग मोड़ की ओर न बढ़े इसके मद्देनजर एयरव्यू मोड़ पर महानंदा सेतु तक चार सुरक्षा घेरा बनाया गया था. पहले घेरे के तहत एयरव्यू मोड़ के एक छोर से दूसरे छोर तक भारी पुलिस बल को मुश्तैद किया गया. दूसरे घेरे में दमकल इंजन के साथ लोहे के बेरिकेट लगाये गये. तीसरे और चौथे सुरक्षा घेरे के तहत महानंदा के दोनों सेतुओं पर भी भारी पुलिस बल के साथ वज्रा नामक दो वाटर टैंक वाहन को भी तैनात किया गया. साथ ही दोनों सेतुओं को भी लोहे के बेरिकेट से बांध दिया गया. एक तरफ शहर में निकली शांति रैली की सुरक्षा का कमान सिलीगुड़ थाना के इंस्पेक्टर देवाशीष बोस के कंधों पर थी वहीं एयरव्यू मोड़ की सुरक्षा की कमान पुलिस कमिश्नर के अलावा एसीपी देनदुप शेरपा, अचिंत दासगुप्त, इंस्पेक्टर मुमताज बेगम के अलावा अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने संभाल रखी थी.
शांति रैली में तृकां नेताओं की भागीदारी अहम
ज्वाइंट फोरम फोर पिस युनिटी की शांति रैली में तृकां नेताओं की भागीदारी काफी अहम देखी गयी. विशाल रैली की अगुवायी जहां तृकां के शिक्षा सेल के वरिष्ठ नेता जयंत कर खुद करते दिखायी दिये. वहीं, तृकां के युवा नेता (अधिवक्ता) धीमान बोस, मनोज वर्मा, कुंतल गोस्वामी के अलावा नयाबाजार के कारोबारी तृकां नेता ओम प्रकाश अग्रवाल, संजय टिबड़ेवाल, गौरीशंकर गोयल व अन्य कई वरिष्ठ नेता भी बड़ी संख्या में आज शांति रैली में दिखे.
