डांट से बचने के लिए स्कूल से भागे बच्चों को बचाया

होमवर्क पूरा नहीं होने पर शिक्षक की डांट से बचने के लिए चार छात्र स्कूल से भागकर स्टेशन पहुंच गये. हालांकि ट्रेन में चढ़ने की योजना बना रहे इन नाबालिगों को स्टेशन पर तैनात ट्रैकमैन की सुझबूझ से बचा लिया गया.

कोलकाता . होमवर्क पूरा नहीं होने पर शिक्षक की डांट से बचने के लिए चार छात्र स्कूल से भागकर स्टेशन पहुंच गये. हालांकि ट्रेन में चढ़ने की योजना बना रहे इन नाबालिगों को स्टेशन पर तैनात ट्रैकमैन की सुझबूझ से बचा लिया गया. आरपीएफ कर्मियों ने बच्चों को सकुशल चाइल्ड लाइन को सौंप दिया. सभी बच्चों की उम्र 10 वर्ष से कम है. उक्त घटना पूर्व रेलवे के मानकर स्टेशन की है. सबसे पहले बच्चों को एक ट्रैकमैन ने देखा. मानकर स्टेशन के पास स्थित लेवल क्रॉसिंग गेट नंबर 99 पर तैनात चिरंजीत पाल ने चारों बच्चों को ट्रैक के पास देखा. इतने छोटे बच्चों को रेल लाइन के पास घूमते देखकर ट्रैकमैन ने उन्हें रोका. घटना की तत्काल जानकारी उच्च अधिकारियों को दी. ट्रैकमैन चिरंजीत ने पानागढ़ स्टेशन के रेलवे सुरक्षा बल के अधिकारियों की भी सूचित किया. आरपीएफ अधिकारी के पहुंचने तक ट्रैकमैन ने समपार फाटक के पास ही बच्चों को सुरक्षित आश्रय दिया. घटनास्थल पर पहुंचे आरपीएफकर्मियों ने बच्चों को अपनी हिफाजत में ले लिया और चाइल्ड लाइन/पानागढ़ से संपर्क किया. प्रारंभिक जांच में पता चला कि बच्चे होमवर्क पूरा नहीं कर पाने की वजह से डांट से बचने के लिए स्कूल से भाग गये थे. आरपीएफ ने बच्चों से उनके घर के बारे में पूछा, तो वे अपने घर का पता बता पाने में असमर्थ थे. बच्चों के अभिभावकों से संपर्क नहीं होने के कारण आरपीएफ ने बच्चों को चाइल्ड लाइन को सौंप दिया है. आरपीएफ बच्चों के परिजनों से संपर्क करने की कोशिश कर रही है.

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By Prabhat Khabar News Desk

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