सांतुड़ी के बालीतोड़ा में पानी के लिए कोहराम

प्रतिवाद. पुरुलिया के सरवरी मोड़ से बांकुड़ा गामी सड़क पर उतरे सैकड़ों लोग, घंटों प्रदर्शन से लगा जाम

पुरुलिया.

जिले के सांतुड़ी थाना क्षेत्र के सरवरी मोड़ से बांकुड़ा जानेवाली सड़क से लगे बालीतोड़ा गांव में पानी के लिए कोहराम मचा हुआ है. गरमी में समस्या विकट हो गयी है. इससे परेशानी सैंकड़ों ग्रामीण मंगलवार को सरवरी मोड़ से बांकुड़ा जानेवाली सड़क पर उतर गये और करीब 12 घंटों तक पथावरोध किया. इससे वहां गाड़ियों का लंबा जाम लग गया. ग्रामीण पानी की मांग को लेकर नारेबाजी कर रहे थे. चक्काजाम की वजह से सड़क पर वाहनों का यातायात ठप हो गया.

भीषण गर्मी में वाहन चालकों से लेकर यात्रियों को काफी परेशानी झेलनी पड़ी. प्रदर्शनकारियों में भंबल भंडारी, शुभम कुमार ने शिकायत की कि वर्षो से उनके गांव में पाइप लाइन से वॉटर सप्लाई बंद है, जबकि इस गांव से महज तीन किलोमीटर दूर दामोदर नदी बहती है. नदी से 20-30 किलोमीटर दूर के गांवों में पाइपलाइन से जलापूर्ति की जा रही है. वहां दिक्कतें नहीं हैं, लेकिन बालोतोड़ा गांव में पानी के लिए त्राहिमाम मचा हुआ है. पीने को जल नहीं मिल रहा है. गांव के बच्चों से लेकर बड़े-बुजुर्ग तक पानी के लिए तरस रहे हैं. इस गांव में पानी की दिक्कत से अवगत कराने के बावजूद पंचायत या जिला प्रशासन स्तर पर कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाया गया, जिससे स्थिति विकट हो गयी है.

ग्रामीणों ने बताया कि दो वर्ष पहले गांव में जल के लिए पाइपलाइन बिछायी गयी थी. लेकिन आज तक इसमें पानी नहीं आया है. हमेशा ही हम लोगों ने इसको लेकर प्रशासनिक अधिकारी से लेकर स्थानीय पंचायत सदस्य पंचायत प्रधान सबको जानकारी दी गयी. लेकिन आज तक इस विषय में कोई राहत हम लोगों को नहीं मिली है. चुनाव के समय बड़े-बड़े नेता आते हैं, वादे करते हैं पर चुनाव हो जाने के बाद फिर एक ही तरह से हम लोगों को पानी की समस्याओं से जूझना पड़ता है. इस भीषण गर्मी में पानी की कमी से हम लोग काफी परेशान है. इसलिए हमलोग बाध्य होकर आज पथावरोध कर रहे हैं. जब तक हमारी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक हमलोगों का आंदोलन चलेगा. मंगलवार को सुबह 6:00 बजे से स्थानीय लोगों ने अवरोध शुरू किया. सूचना पाकर कई बार पुलिस व प्रशासन के लोग आये, लेकिन आंदोलनकारी अपनी मांग पर अड़े रहे. बाद में शाम करीब 5:00 बजे पीएचइ विभाग के कर्मचारी व अधिकारी वहां पहुंचे. किसी तरह से पाइपलाइन से गांव में पानी पहुंचाने का कार्य शुरू किया गया, लेकिन ऐसा करते ही कई स्थानों पर पाइपलाइन टूट गयी, जिससे पर्याप्त पानी नहीं आ पाया.

इसके बाद पीएचइ के अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि जब तक पानी की समस्या पूरी तरह खत्म नहीं हो जाती, गांव में प्रतिदिन टैंकर से पेयजल मुहैया कराया जायेगा. साथ ही एक माह के अंदर पाइपलाइन की मरम्मत कर गांव में जलापूर्ति शुरू कर दी जायेगी. इस आश्वासन के बाद स्थानीय लोगों ने लगभग 12 घंटे बाद चक्काजाम समाप्त कर दिया. तब वहां से यातायात सामान्य हुआ.

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By Prabhat khabar news desk

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