West Bengal : जाली नोटों की तस्करी के मामले में आया बड़ा फैसला, दो दोषियों को मिली सात साल जेल की सजा

West Bengal : दोनों को भारतीय दंड संहिता (आइपीसी) और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत दोषी करार दिया गया है.

West Bengal : पश्चिम बंगाल के मालदा में जाली नोटों की तस्करी व प्रसार के मामले गिरफ्तार दो लोगों को कोलकाता स्थित विशेष राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (NIA) अदालत ने सश्रम कारावास की सजा सुनायी है. बुधवार को एनआइए की ओर से जारी बयान में बताया गया कि स्पेशल एनआइए कोर्ट ने दोष साबित होने के बाद उत्तर प्रदेश के पीलीभीत के रहने वाले असीम सरकार को सात साल सश्रम कारावास की सजा सुनायी, जबकि उसके साथी व मालदा निवासी अलादु उर्फ मातुर को पांच वर्ष जेल की सजा सुनायी है.

जुर्माने की राशि अदा नहीं करने पर अतिरिक्त तीन महीने कारावास की सजा

दोनों को क्रमश: 10 हजार रुपये व पांच हजार रुपये जुर्माना भी लगाया गया है. जुर्माने की राशि अदा नहीं करने पर उन्हें अतिरिक्त तीन महीने कारावास की सजा भुगतनी होगी.दोनों को भारतीय दंड संहिता (आइपीसी) और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत दोषी करार दिया गया है. राजस्व खुफिया निदेशालय के अधिकारियों ने वर्ष 2019 में असीम के पास से दो हजार रुपये मूल्य के 99 जाली नोट और 500 रुपये मूल्य के दो जाली नोट जब्त किये थे, जिनका कुल मुद्रित मूल्य 1.99 लाख रुपये थे.

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एनआइए मामले की जांच में जुटी

बाद में मामले का संज्ञान लेते हुए एनआइए ने दोनों को गिरफ्तार किया. मामले में अब्दुल रहीम नाम के एक फरार बांग्लादेशी नागरिक के खिलाफ मुकदमा चल रहा है, जबकि फैजुल शेख मामले में पहले से ही दोषी करार दिया जा चुका है और वह पांच साल कारावास की सजा काट रहा है.

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By Shinki Singh

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