‘संविदा शिक्षकों को अनुभव के 10 अंक क्यों नहीं’

स्कूल सेवा आयोग की ओर से शिक्षकों की नियुक्ति के लिए 2016 की परीक्षा में भाग लेने वाले सीबीएसई बोर्ड के स्कूलों में काम करने वाले उम्मीदवारों, संविदा और पारा शिक्षकाें को अनुभव के लिए 10 अंक क्यों नहीं दिये जा रहे हैं.

कोलकाता. कलकत्ता हाइकोर्ट की पूजा अवकाशकालीन बेंच की जस्टिस स्मिता दास डे ने गुरुवार को स्कूल सेवा आयोग को हलफनामा के माध्यम से यह बताने का निर्देश दिया है कि स्कूल सेवा आयोग की ओर से शिक्षकों की नियुक्ति के लिए 2016 की परीक्षा में भाग लेने वाले सीबीएसई बोर्ड के स्कूलों में काम करने वाले उम्मीदवारों, संविदा और पारा शिक्षकाें को अनुभव के लिए 10 अंक क्यों नहीं दिये जा रहे हैं. इसके अलावा, हाइकोर्ट ने जिलों के डीआइ (डिस्ट्रिक्ट इंस्पेक्टर ऑफ स्कूल्स) को यह बताने का निर्देश दिया गया है कि अनुमोदित पद पर कितने लोग काम कर रहे हैं. इसका पूरा आंकड़ा डीआइ को अदालल में पेश करना होगा. न्यायाधीश ने कहा कि पूजा की छुट्टियों के बाद रेगुलर बेंच पर मामले की सुनवाई होगी.स्कूल सेवा आयोग ने अपने नियम में कहा था कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा नौकरियां रद्द होने के बाद नयी परीक्षा कराने की तैयारी कर ली है, जिसमें टीचिंग अनुभव के लिए 10 मार्क्स दिये जायेंगे. लेकिन कुल 24 अभ्यर्थियों ने हाइकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. उनकी ओर से मामले की पैरवी करते हुए वकील सुदीप्त दासगुप्ता ने कहा कि यह 10 नंबर सीबीएसई बोर्ड के स्कूलों में काम करने वाले शिक्षक, राज्य में संविदा और अनियमित शिक्षकों को भी दिया जाये. हमने अपने एक्सपीरियंस सर्टिफिकेट दे दिये हैं. एसएससी इसकी जांच कर सकता है. हमने इसे परीक्षा के समय जमा किया था. इसी मामले की सुनवाई करते हुए कलकत्ता हाइकोर्ट ने यह आदेश दिया. हालांकि, स्कूल सेवा आयोग के वकील कल्याण बनर्जी ने कहा कि इन एक्सपीरियंस सर्टिफिकेट पर राज्य सरकार को कोई भरोसा नहीं है.

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Published by: Akhilesh kumar singh

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