घुसपैठियों को चुन-चुन कर देश से बाहर निकालेंगे : अमित शाह

बोले केंद्रीय गृह मंत्री. लोकतांत्रिक व्यवस्था को दूषित होने से बचाने के लिए आवश्यक है एसआइआर

बोले केंद्रीय गृह मंत्री. लोकतांत्रिक व्यवस्था को दूषित होने से बचाने के लिए आवश्यक है एसआइआर

भुज/कोलकाता. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को कहा कि सरकार देश से हर घुसपैठिये को बाहर निकाल देगी. उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक दल एसआइआर प्रक्रिया का विरोध कर रहे हैं, क्योंकि वे चाहते हैं कि घुसपैठियों के नाम मतदाता सूची में बने रहें. वह गुजरात के कच्छ जिले के भुज में सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के हीरक जयंती (61वें स्थापना दिवस) समारोह को संबोधित कर रहे थे. मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) पर शाह की टिप्पणी पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार को कड़े शब्दों में पत्र लिखे जाने के एक दिन बाद आयी है, जिसमें उन्होंने (मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने) इस प्रक्रिया को तुरंत रोकने का अनुरोध किया था. शाह ने कहा, ‘आज बीएसएफ के जवान देश की सभी सीमाओं पर घुसपैठ रोकने में लगे हुए हैं. घुसपैठ रोकना न केवल राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए, बल्कि देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को दूषित होने से बचाने के लिए भी आवश्यक है.’

एसआइआर को मतदाता सूची का शुद्धिकरण बताते हुए शाह ने कुछ राजनीतिक दलों पर अवैध घुसपैठियों के खिलाफ सरकार के अभियान को कमजोर करने का प्रयास करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि ये पार्टियां निर्वाचन आयोग द्वारा जारी एसआइआर का विरोध कर रही हैं, क्योंकि वे यह सुनिश्चित करना चाहती हैं कि घुसपैठियों के नाम मतदाता सूची में बने रहें. शाह ने कहा, ‘मैं इस हीरक जयंती समारोह में बहुत स्पष्ट करना चाहता हूं कि हम इस देश से एक-एक घुसपैठिये को चुन-चुन कर बाहर निकालेंगे. यह हमारा प्रण है. एक-एक घुसपैठिए को देश से बाहर निकालना मोदी सरकार का संकल्प है.’

उन्होंने कहा, ‘देश के किसी भी राज्य का मुख्यमंत्री कौन होगा या देश का प्रधानमंत्री कौन होगा, यह निर्णय केवल भारत के नागरिक ही कर सकते हैं. घुसपैठियों को हमारी लोकतांत्रिक व्यवस्था को दूषित करने और हमारे लोकतांत्रिक निर्णयों को प्रभावित करने का कोई अधिकार नहीं है.’ उन्होंने कहा, ‘मैं उन राजनीतिक दलों को भी आगाह करना चाहता हूं, जो इन घुसपैठियों को बचाने में लगे हैं. शाह ने कहा, ‘‘मतदाता सूची में घुसपैठियों की जगह सुनिश्चित करने के लिए काम करने वाले दलों को पता होना चाहिए कि देश की जनता ऐसे इरादों का कभी समर्थन नहीं करेगी.’

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By SANDIP TIWARI

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