बंगाल नगर निकाय भर्ती घोटाले में ईडी ने पेश की चार्जशीट, कहा- सुजीत बोस ने रेस्तरां में खपाया रिश्वत का पैसा

WB Municipal Scam ED Chargesheet: ईडी ने बंगाल नगर निकाय भर्ती घोटाले में पूर्व मंत्री सुजीत बोस के खिलाफ पीएमएलए कोर्ट में आरोपपत्र दाखिल कर दिया है. ईडी का आरोप है कि रिश्वत का पैसा उनके रेस्तरां और बैंक्वेट कारोबार में लगाया गया. जानिए पूरा मामला.

WB Municipal Scam ED Chargesheet: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने पश्चिम बंगाल नगर निकाय भर्ती घोटाले में तृणमूल कांग्रेस के नेता और पूर्व अग्निशमन व आपात सेवा मंत्री सुजीत बोस के खिलाफ विस्तृत आरोपपत्र (Chargesheet) दाखिल किया है. केंद्रीय जांच एजेंसी ने दावा किया है कि सुजीत बोस ने नगरपालिका भर्ती घोटाले से प्राप्त धन को अपने रेस्तरां और अन्य आतिथ्य (Hospitality) कारोबार में फर्जी नकद बिक्री दिखाकर वैध बनाया.

विशेष पीएमएलए कोर्ट में दाखिल हुआ आरोपपत्र

ईडी द्वारा शनिवार को जारी बयान के अनुसार, 9 जुलाई को कोलकाता की विशेष धन शोधन रोकथाम अधिनियम (PMLA) अदालत में यह आरोपपत्र दाखिल किया गया. इसमें मई 2026 में गिरफ्तार होकर फिलहाल कोलकाता जेल में बंद सुजीत बोस, उनके बेटे समुद्र बोस, पूर्व स्थानीय निकाय निदेशक व आईएएस अधिकारी ज्योतिष्मान चट्टोपाध्याय तथा कुछ अन्य लोगों को नामजद किया गया है.

284 अयोग्य उम्मीदवारों को दिलवायी नौकरी

ईडी के आरोपों के अनुसार, दक्षिण दमदम नगरपालिका के पूर्व उपाध्यक्ष रहे सुजीत बोस ने वर्ष 2014 से 2022 के बीच विभिन्न पदों के लिए 340 अयोग्य उम्मीदवारों की सिफारिश की थी, जिनमें से 284 लोगों को नौकरियां मिल गयीं. इन अयोग्य उम्मीदवारों से ली गयी रिश्वत की रकम को शुरुआत में सुजीत बोस के स्वामित्व वाली ‘चाइनीज कुजीन रेस्टोरेंट’ कंपनी के खातों में फर्जी नकद बिक्री के रूप में जमा किया गया. ईडी ने खुलासा किया कि कोविड-19 लॉकडाउन के दौरान भी, जब रेस्तरां बंद थे, इन खातों में भारी मात्रा में नकद राशि जमा की गयी थी.

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फर्जी कंपनियों और ढाबों में फंड का डायवर्जन

जांच एजेंसी ने आरोप लगाया है कि चीनी रेस्तरां से निकाले गये इस धन का इस्तेमाल ‘श्री वेंकटेश बैंक्वेट्स एंड स्पेशलिटी ढाबा एलएलपी’ (जो बंगाल ढाबा और द बार एंड लाउंज चलाती है) जैसी अन्य इकाइयों का विस्तार करने के लिए किया गया. इसके अतिरिक्त, संपत्तियों की खरीद के लिए फर्जी कंपनियों से ऋण लिया गया, जिसका बाद में फर्जी नकद बिक्री दिखाकर फिर से भुगतान किया गया. ईडी का दावा है कि सुजीत बोस को नौकरियों के बदले में कई लग्जरी फ्लैट्स भी मिले थे.

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मामले का दूसरा आरोपपत्र

नगर निकाय भर्ती घोटाले में ईडी द्वारा दाखिल यह दूसरा आरोपपत्र है. पहला आरोपपत्र फरवरी 2025 में एबीएस इन्फोजोन के निदेशक अयान सिल के खिलाफ दाखिल किया गया था, जिसकी कंपनी ओएमआर शीट और मेधा सूची तैयार करने का काम करती थी. हालांकि, सुजीत बोस ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है. बिधाननगर से 3 बार के पूर्व विधायक सुजीत बोस हाल ही में संपन्न हुए विधानसभा चुनाव 2026 में भाजपा उम्मीदवार शारद्वत मुखर्जी से 37,000 से अधिक वोटों से हार गये थे.


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By Mithilesh Jha

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