फर्जी खबरों की नकेल कसेगी शुभेंदु सरकार, सोशल मीडिया पर नजर रखने के लिए बना 24x7 ‘वॉर रूम’

पश्चिम बंगाल सरकार ने भ्रामक सूचनाओं और फर्जी खबरों का मुकाबला करने के लिए एक 24x7 'वॉर रूम' स्थापित किया है. यह नया तंत्र डिजिटल और पारंपरिक मीडिया पर प्रसारित होने वाली सामग्री की निगरानी करेगा.

West Bengal Government War Room: पश्चिम बंगाल सरकार ने भ्रामक जानकारी और फर्जी समाचार का मुकाबला करने और डिजिटल मीडिया पर प्रसारित होने वाली सामग्री की निगरानी के लिए 24 घंटे सक्रिय रहने वाला ‘वॉर रूम’ बनाया है. सूचना और सांस्कृतिक मामलों के विभाग ने शुक्रवार को जारी एक अधिसूचना में कहा कि यह फैसला ‘ भ्रामक जानकारी, दुष्प्रचार और फर्जी समाचार से पैदा होने वाली चुनौतियों’ के मद्देनजर लिया गया है, जिनसे कानून-व्यवस्था, सरकारी कामकाज और राज्य की छवि पर असर पड़ सकता है. एक वरिष्ठ अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी.

सूचना और सांस्कृतिक मामलों के सचिव होंगे ‘वॉर रूम’ के प्रमुख

इसमें कहा गया है कि ‘वॉर रूम’ सोशल मीडिया समेत प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मंचों पर नजर रखेगा और जिला प्रशासन व अन्य विभागों के साथ समन्वय कर सुनिश्चित करेगा कि सही जानकारी त्वरित प्रसारित की जाये. अधिसूचना के मुताबिक, इसकी अध्यक्षता सूचना और सांस्कृतिक मामलों के विभाग के सचिव करेंगे. इसमें गृह, सूचना प्रौद्योगिकी और इलेक्ट्रॉनिक्स, आपदा प्रबंधन, स्वास्थ्य, पुलिस विभागों और राज्य प्रशासन के अन्य अहम विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे.

वॉर रूम की जिम्मेदारियां

  • फर्जी खबरों और सोशल मीडिया सामग्री पर नजर रखना
  • भ्रामक जानकारी और गुमराह करने वाली बातों की पहचान करना
  • तथ्यों पर आधारित जवाब तैयार करना
  • जिला अधिकारियों और सरकारी विभागों के साथ समन्वय स्थापित करना
  • आधिकारिक चैनलों के जरिये सही जानकारी समय पर पहुंचाना

लोगों तक तेजी से सही जानकारी पहुंचाना है लक्ष्य

अधिकारी ने बताया कि ‘वॉर रूम’ को राज्य सरकार को नियमित रूप से वस्तुस्थिति की रिपोर्ट सौंपने के अलावा, मीडिया संगठनों और फैक्ट-चेकिंग एजेंसियों के साथ संपर्क बनाये रखने के लिए भी अधिकृत किया गया है. अधिकारी ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ‘लोगों तक सही जानकारी तेजी से पहुंचे और जब भी गुमराह करने वाले या गलत सामग्री से भ्रम या घबराहट फैलने का डर हो, तो उससे निपटने के लिए समन्वयित कदम उठाये जायें.

अफवाह को फैलने से पहले ही किया जायेगा कंट्रोल

उन्होंने कहा- इसका उद्देश्य महज निगरानी करना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि सही जानकारी सरकारी माध्यमों से तेजी से प्रसारित की जाये, ताकि अफवाहें जोर न पकड़ सकें. राज्य सरकार ने सभी प्रशासनिक विभागों, जिलाधिकारियों, पुलिस आयुक्तों और पुलिस अधीक्षकों से ‘वॉर रूम’ के साथ समन्वय के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त करने और इसके कामकाज में हर जरूरी मदद देने को भी कहा है.


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By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.
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