राष्ट्रीय चेतना की धड़कन है ””वंदे मातरम”” : शुभेंदु

उन्होंने कहा कि देश की नयी पीढ़ी को ‘वंदे मातरम’ का पूर्ण स्वरूप के बारे में जानकारी देने के लिए भाजपा ने यह कार्यक्रम आयोजित किया था.

कोलकाता. राष्ट्रगीत वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में शुक्रवार को प्रदेश भाजपा की ओर से पूरे राज्यभर में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया. शुक्रवार को सॉल्टलेक स्थित पार्टी के प्रदेश मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव, बंगाल के लिए पार्टी के केंद्रीय सह प्रभारी अमित मालवीय, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य, पूर्व केंद्रीय मंत्री निशिथ प्रमाणिक, डाॅ सुभाष सरकार, विधायक अग्निमित्रा पॉल, विधायक शंकर घोष, प्रदेश सचिव उमेश राय सहित अन्य गणमान्य उपस्थित रहे. इस मौके पर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ने ऋषि बंकिमचंद्र चटर्जी की रचना ‘वंदे मातरम’ का उल्लेख करते हुए कहा कि यह केवल ब्रिटिश काल में ही नहीं, बल्कि आज भी भारत के हर नागरिक के लिए प्रेरणा का स्रोत है. उन्ह���ंने याद दिलाया कि 1937 में कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक में ‘वंदे मातरम’ को खंडित कर दिया गया था. उन्होंने कहा कि देश की नयी पीढ़ी को ‘वंदे मातरम’ का पूर्ण स्वरूप के बारे में जानकारी देने के लिए भाजपा ने यह कार्यक्रम आयोजित किया था.

सुकांत मजूमदार ने बंकिमचंद्र के पैतृक निवास का किया दौरा

वहीं, केंद्रीय मंत्री डॉ सुकांत मजूमदार ने शुक्रवार को उत्तर 24 परगना जिले के नैहाटी स्थित काठालपाड़ा का दौरा किया, जहां बंकिमचंद्र चटर्जी का पैतृक निवास था. सुकांत मजूमदार ने वंदे मातरम के रचयिता ऋषि बंकिम चंद्र चटर्जी के घर जाकर उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण किया. इस मौके पर केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री और राज्य में भाजपा के पूर्व अध्यक्ष डॉ सुकांत मजूमदार के साथ-साथ भाजपा के बैरकपुर संगठनात्मक जिला के अध्यक्ष तापस घोष और अन्य नेता मौजूद रहे. इस मौके पर केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री डॉ सुकांत मजूमदार ने राज्य के शिक्षा मंत्री और तृणमूल कांग्रेस नेता ब्रात्य बसु की टिप्पणियों की आलोचना की. उन्होंने तृणमूल कांग्रेस पर व्यंग्यात्मक टिप्पणी करते हुए कहा कि तृणमूल कांग्रेस सरकार ने राष्ट्रगीत के रचयिता के सम्मान में कोई कार्यक्रम आयोजित नहीं किया. सुकांत मजूमदार ने कहा ने कहा कि आज जब एक आत्मविश्वासी नये भारत का उदय हो रहा है, हम उस अमर पुकार का उत्सव मना रहे हैं, जो आज भी हर भारतीय के हृदय में स्पंदित होती है. उन्होंने कहा कि 150 वर्ष पूर्व बंगाल के युवा लेखक बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय ने भारत को केवल एक गीत नहीं, बल्कि राष्ट्रीय जागरण की प्रेरणा दी थी. जेलों, भूमिगत कक्षों और रणभूमियों में ‘वंदे मातरम्’ की गूंज सुनाई देती थी.

शुभेंदु अधिकारी ने महानगर में निकाली रैली

वहीं, पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने वंदे मातरम के 150वें वर्ष के अवसर पर शुक्रवार को महानगर में ठनठनिया कालीबाड़ी से कॉलेज स्क्वॉयर तक रैली निकाली. इस मौके पर पूर्व विधायक व पार्टी के वरिष्ठ नेता तापस रॉय, पार्षद मीना देवी पुरोहित सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे. इस मौके पर विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि दूरदर्शी बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय का ‘वंदे मातरम’ केवल एक गीत नहीं, बल्कि यह हमारी राष्ट्रीय चेतना की स्पंदित धड़कन है. यह हमारे सांस्कृतिक राष्ट्रवाद का घोषणापत्र है और हमारे पवित्र स्वतंत्रता संग्राम की प्रज्वलित ज्योति है. उन्होंने कहा कि इसके प्रत्येक शब्द में देशभक्ति की उमंग, राष्ट्रीय एकता का अटूट बंधन और भारत माता के प्रति विजय का जयघोष गूंजता है.

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Published by: Ganesh mahto

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