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Shubhendu Adhikari: कोलकाता. मुर्शिदाबाद का बेलडांगा में दो दिनों से हिंसा जारी है. विरोध प्रदर्शन में एक जर्नलिस्ट और एक फोटो जर्नलिस्ट समेत कई लोगों के घायल होने की सूचना है. विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने राज्यपाल को एक पत्र लिखा है. उन्होंने राज्यपाल से बेलडांगा में सेंट्रल फोर्स की तैनाती और बीएनएसएस की धारा 163 लागू करने का अनुरोध किया. इसके साथ ही, शुभेंदु अधिकारी ने बेलडांगा घटना की एनआईए जांच की मांग की है. शुभेंदु अधिकारी ने कहा- यह प्लांड तरीके से टारगेटेड हमला था. बंगाल प्रशासन ने इस पर आंखें मूंद रखी है. बेलडांगा में पुलिस ने एक बार फिर स्थिति को संभालने में नाकाम रही है. विधानसभा चुनाव से कुछ महीने पहले, मुर्शिदाबाद घटना को लेकर बंगाल की राजनीति में उथल-पुथल मची हुई है.
बेलडांगा में कम्युनल वायलेंस
राज्यपाल सीवी आनंद बोस को भेजे गए पत्र में शुभेंदु अधिकारी ने लिखा है कि बेलडांगा में ऑर्गनाइज्ड क्राइम और कम्युनल वायलेंस हुआ है. हिंदू समुदाय के घरों, दुकानों और पूजा स्थलों पर हमला किया गया. उन्हें आग लगा दी गई है. जर्नलिस्टों को भी नहीं बख्शा गया है. जर्नलिस्ट पर भी हमला किया गया है. कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए है. शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि एक जर्नलिस्ट पर हमला लोकतंत्र पर हमला है. विपक्ष के नेता ने राज्यपाल को लिखे पत्र में कहा कि बंगाल का राज्य प्रशासन की पूर्ण निष्क्रियता और भी अधिक पीड़ादायक है. शुभेंदु अधिकारी ने लिखा है- जहां तक मुझे पता है, इस तरह की हिंसा के बावजूद, भारतीय दंड संहिता की धारा 163 के तहत कोई प्रतिबंध नहीं लगाया गया है. प्रशासन मूकदर्शक की भूमिका में है और स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई है. हालांकि, मुर्शिदाबाद पुलिस जिले के एसपी का दावा है कि उन्होंने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है.
एनआईए जांच की मांग करता हूं : शुभेंदु अधिकारी
शमशेरगंज और मुर्शिदाबाद में हुए दंगों के दौरान सेंट्रल फोर्स की तैनाती के लिए कलकत्ता हाई कोर्ट के आदेश का जिक्र करते हुए शुभेंदु अधिकारी ने राज्यपाल को लिखे पत्र में कहा- यह आदेश किसी खास घटना या तारीख तक सीमित नहीं है. यह बेलडांगा में चल रही हिंसा पर भी लागू होता है. इससे पहले 2025 में, मुर्शिदाबाद में वक्फ प्रदर्शनों के नाम पर बड़े पैमाने पर आगजनी की घटना घटी थी. शमशेरगंज में हरगोबिंद दास और उनके बेटे चंदन दास को उनके घर से घसीटकर बाहर निकाला गया और बेरहमी से उनकी हत्या कर दी गई थी. शुभेंदु अधिकारी ने लिखा- मैं एनआईए द्वारा तुरंत जांच की मांग करता हूं. यह मुर्शिदाबाद में सीएए विरोधी और वक्फ विरोधी प्रदर्शनों के दौरान भड़की से भयावह हिंसा है.
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