गन्ने के रेशे से बनायी दो सेंटीमीटर ऊंची दुर्गा प्रतिमा

उत्तर 24 परगना के पलता स्थित शांतिनगर निवासी एवं इंडियन आर्ट कॉलेज के पूर्व छात्र देवप्रसाद मालाकार ने इस बार दुर्गा पूजा से पहले एक अनोखी कलाकृति प्रस्तुत की है.

पलता के देवप्रसाद मालाकार की अनोखी कलाकृति बनी आकर्षण का केंद्र

संवाददाता, बैरकपुर.

उत्तर 24 परगना के पलता स्थित शांतिनगर निवासी एवं इंडियन आर्ट कॉलेज के पूर्व छात्र देवप्रसाद मालाकार ने इस बार दुर्गा पूजा से पहले एक अनोखी कलाकृति प्रस्तुत की है. उन्होंने गन्ने के रेशे से मात्र दो सेंटीमीटर ऊंची दुर्गा प्रतिमा तैयार की है, जो इलाके में लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र बनी हुई है. देवप्रसाद मालाकार हर साल सबसे छोटी दुर्गा प्रतिमा बनाने के लिए जाने जाते हैं.

इस वर्ष उन्होंने गन्ने का रस निकालने के बाद बचे हुए रेशे का उपयोग कर सात दिनों की मेहनत से यह अनूठी प्रतिमा तैयार की. उन्होंने बताया, “साल 2000 से अब तक मैं अलग-अलग माध्यमों जैसे मिट्टी, माचिस की तिल्ली, कच्चू के पत्ते, भूसा, चाक और जूट से छोटी-छोटी दुर्गा प्रतिमाएं बनाता रहा हूं. इस बार गन्ने के रेशे का प्रयोग किया है.” उनकी बनायी प्रतिमा देखने के लिए स्थानीय लोग बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं. कला के प्रति समर्पित देवप्रसाद का कहना है कि उनका प्रयास आगे भी जारी रहेगा और वह अपनी रचनात्मकता से लोगों का ध्यान आकर्षित करते रहेंगे.

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By AKHILESH KUMAR SINGH

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