नई दिल्ली/कोलकाता : सुप्रीम कोर्ट के बाद, लोकसभा अध्यक्ष ने अब एनसीपी के 20 सांसदों को नोटिस भेजा है. यह कार्रवाई अध्यक्ष ओम बिरला ने तृणमूल कांग्रेस के अखिल भारतीय महासचिव अभिषेक बनर्जी की याचिका पर की है. नोटिस की एक प्रति तृणमूल कांग्रेस ने जारी की है. यह नोटिस मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई वाले दिन ही भेजा गया था. अध्यक्ष ने एनसीपी के 20 सांसदों को 7 दिन की समय सीमा दी है.
स्पीकर कार्यालय ने ली पूरी जानकारी
मंगलवार को सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने मुख्य न्यायाधीश की पीठ को बताया कि उन्हें स्पीकर कार्यालय से सूचित किया गया है कि अभिषेक बनर्जी के आवेदन के आधार पर स्पीकर कार्यालय द्वारा नोटिस जारी किया जा चुका है. तृणमूल संसदीय दल ने कहा कि उन्हें ऐसे किसी नोटिस की जानकारी नहीं है. दोपहर तक इस मामले पर एनसीपीआई सांसदों से कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं मिली.
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अगले 7 दिनों के भीतर जवाब मांगा
तृणमूल कांग्रेस ने बुधवार सुबह एक पत्र की प्रति जारी की. इससे पता चलता है कि स्पीकर का कार्यालय 25 सितंबर को सक्रिय हुआ, यानी जब इस मामले की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में चल रही थी. उसी दिन स्पीकर के कार्यालय से 20 सांसदों को पत्र भेजा गया. उनसे अगले 7 दिनों के भीतर जवाब मांगा गया है. अभिषेक बनर्जी के आवेदन के जवाब में, यानी दलबदल विरोधी अधिनियम के तहत उनकी सदस्यता रद्द करने के संबंध में, उन्हें 7 दिनों के भीतर उन 20 सांसदों को अलग-अलग अपना पक्ष बताना होगा.
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