तृणमूल ने एसआइआर के खिलाफ विधानसभा में पेश किया प्रस्ताव

विधानसभा स्पीकर बिमान बनर्जी ने मामला उच्चतम न्यायालय में लंबित रहने के कारण इस मुद्दे पर चर्चा की अनुमति नहीं दी.

स्पीकर ने चर्चा की नहीं दी अनुमति

कोलकाता. विधानसभा में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) पर प्रस्तावित चर्चा को लेकर गुरुवार को तीखी राजनीतिक खींचतान देखने को मिली. हालांकि, विधानसभा स्पीकर बिमान बनर्जी ने मामला उच्चतम न्यायालय में लंबित रहने के कारण इस मुद्दे पर चर्चा की अनुमति नहीं दी. सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस ने एसआइआर की प्रक्रिया पर चर्चा का अनुरोध किया था और यह तर्क दिया था कि इसके (एसआइआर के) कारण 2026 के विधानसभा चुनाव से पहले मतदाताओं को व्यापक स्तर पर उत्पीड़न का सामना करना पड़ रहा है. उन्हें परेशान किया जा रहा है. हालांकि, विधानसभा के स्पीकर बिमान बनर्जी ने कहा कि सदन इस मुद्दे पर विचार नहीं करेगा, क्योंकि यह मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है. इसलिए विधानसभा में इस पर चर्चा नहीं कराया जा सकता.

विपक्ष ने लगाया बीए कमेटी के प्रस्ताव को बदलने का आरोप

इसी बीच, विपक्ष के नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने सरकार पर अंतिम समय में बिजनेस एडवाइजरी (बीए) कमेटी के प्रस्ताव को बदलने का आरोप लगाया. श्री अधिकारी ने कहा : बीए कमेटी का प्रस्ताव सुबह बताया गया था, लेकिन उसमें बदलाव कर दिया गया है. हमें बताया गया था कि एसआइआर पर चर्चा होगी और हम तैयारी के साथ आये थे. अब इसमें बदलाव किया जा रहा है. नेता प्रतिपक्ष ने फिर अध्यक्ष से सदन के समक्ष कार्यसूची रखने का अनुरोध किया.

इससे पूर्व राज्य के संसदीय कार्य मंत्री शोभनदेब चट्टोपाध्याय ने एसआइआर प्रक्रिया पर चर्चा की मांग करते हुए एक प्रस्ताव पढ़ा. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस प्रस्ताव का समर्थन किया. विधानसभा के नियम 169 के तहत प्रस्ताव पेश करते हुए श्री चट्टोपाध्याय ने दावा किया कि एसआइआर प्रक्रिया से मतदाताओं को परेशान किया गया और मानसिक तनाव के कारण 107 लोगों की मौत हो गयी.

निर्वाचन आयोग की आलोचना करते हुए उन्होंने दावा किया कि राज्य में विधानसभा चुनाव से पहले निर्वाचन आयोग परेशान करने का आयोग बन गया है. अध्यक्ष ने इस प्रस्ताव को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि मामला अभी उच्चतम न्यायालय में लंबित है, इसलिए सदन इसपर विचार-विमर्श नहीं कर सकता.

बता दें कि सदन में एसआइआइआर के मुद्दे पर पेश प्रस्ताव पर शुक्रवार को चर्चा होना था.

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By GANESH MAHTO

GANESH MAHTO is a contributor at Prabhat Khabar.

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