तृणमूल ने 2011 के बाद मतदाता सूची में छेड़छाड़ की थी : शंकर घोष

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बूथ से कई फर्जी मतदाताओं के नाम हटने पर राजनीतिक बयानबाजी तेज है.

कोलकाता. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बूथ से कई फर्जी मतदाताओं के नाम हटने पर राजनीतिक बयानबाजी तेज है. भाजपा के विधायक शंकर घोष ने मंगलवार तृणमूल सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने कहा : मतदाता सूची में बहुत सारे मृतकों के नाम अभी जुड़े हुए हैं, कई लोगों के नाम दो-तीन जगह हैं. शुभेंदु अधिकारी और शमिक भट्टाचार्य ने बताया था कि एसआइआर होने से प्रदेश के घुसपैठियों को निकालने में बहुत कामयाबी मिल सकती है. मुझे उम्मीद है कि एसआइआर की पूरी प्रक्रिया होने के बाद पूरे असर के बारे में पता चलेगा. शंकर घोष ने कहा : 2011 के बाद पश्चिम बंगाल की सरकार ने अपनी मशीनरी की मदद से अपनी वोटर लिस्ट तैयार की थी. इन लिस्ट में मृतकों के नाम को वोटर लिस्ट से नहीं हटाया गया. एक मतदाता के नाम कई बूथों में शामिल हैं. कई सारे बांग्लादेशी घुसपैठिये हैं. पिछले कई वर्षों से ऐसा ही चलता आया है, लेकिन एसआइआर के बाद यह खत्म हो जायेगा. इस बार सूची से जिनके नाम हटाये गये हैं, उनमें मृतकों और शिफ्टेड वोटर के नाम बहुत ज्यादा हैं. इसके बाद घुसपैठियों को डिटेक्ट, डिलीट और डिपोर्ट के कार्यक्रम होंगे. शंकर घोष ने ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए कहा : तृणमूल ने 2011 के बाद वोटर लिस्ट में छेड़छाड़ की थी, जिसमें कई सारे फेक वोटर्स को सूची में शामिल किया गया. इन फेक वोट पर ही ममता बनर्जी की पार्टी ने हर चुनाव में मार्जिन बनाया था. जब उनके नाम हटेंगे, तो तृणमूल नहीं बचेगा. उन्होंने फुटबॉलर लियोनेल मेसी के कोलकाता दौरे के दौरान स्टेडियम में हुई तोड़फोड़ पर तृणमूल को घेरते हुए कहा : सबसे पहले उन राजनेताओं पर एक्शन होना चाहिए, जो अपने परिवार के साथ मेसी के पास थे और सेल्फी लेने की होड़ मचायी थी.

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Published by: Sandip tiwari

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