मुश्किल में टॉलीगंज की भाजपा विधायक पापिया अधिकारी! NGO नहीं, प्राइवेट लिमिटेड कंपनी है EIMPCC

Tollygunge MLA Papiya Adhikary EIMPCC Row: टॉलीवुड में अब ‘कन्फेडरेशन’ को लेकर नया विवाद छिड़ गया है. टॉलीगंज से भाजपा विधायक पापिया अधिकारी (Papiya Adhikary) द्वारा गठित EIMPCC पर वित्तीय और प्रशासनिक गड़बड़ी के आरोप लगे हैं. सुदीप डे या सुजय कोतल जैसे फिल्म से जुड़े लोगों ने इस पर सवाल उठाये हैं. पढ़ें पूरी रिपोर्ट.

Tollygunge MLA Papiya Adhikary EIMPCC Row: पश्चिम बंगाल फिल्म इंडस्ट्री यानी टॉलीवुड (Tollywood) में गुटबाजी और प्रशासनिक नियंत्रण को लेकर चल रहे विवाद ने नया मोड़ ले लिया है. टॉलीगंज से भारतीय जनता पार्टी (BJP) की विधायक पापिया अधिकारी (Papiya Adhikary) द्वारा पेश किये गये नये संगठन ईस्टर्न इंडिया मोशन पिक्चर्स एंड कल्चरल कन्फेडरेशन (EIMPCC) को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है. विधायक ने दावा किया था कि EIMPCC सोसाइटीज रजिस्ट्रेशन एक्ट के तहत पंजीकृत एक गैर-लाभकारी संस्था (NGO) है, लेकिन कॉरपोरेट और सरकारी रिकॉर्ड्स ने उनके इस दावे की पोल खोलकर रख दी है.

सरकारी रिकॉर्ड में प्राइवेट कंपनी, सिर्फ 5000 रुपए पेड-अप कैपिटल

फिल्म प्रोडक्शन मैनेजर सुजय कोतल (Sujay Kotal) और इंडस्ट्री से जुड़े अन्य लोगों द्वारा की गयी पड़ताल में सामने आया है कि EIMPCC कोई एनजीओ या सोसाइटी नहीं, बल्कि बाकायदा शेयरों द्वारा सीमित एक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी (Private Limited Company) है. आरओसी कोलकाता (ROC Kolkata) के रिकॉर्ड्स के मुताबिक, यह कंपनी हावड़ा के पते पर पंजीकृत है और इसके दो वर्तमान निदेशक (Directors) सुमित रॉय और साधन तालुकदार हैं. इस कंपनी की अधिकृत पूंजी (Authorised Capital) 15 लाख रुपए है, जबकि इसकी पेड-अप कैपिटल महज 5,000 रुपए है.

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एक संगठन और 3 अलग-अलग पते, सरकारी संपत्ति के इस्तेमाल पर सवाल

कन्फेडरेशन की कार्यप्रणाली और पतों को लेकर भी गंभीर वित्तीय व प्रशासनिक अनियमितताओं के आरोप लग रहे हैं. कंपनी का आधिकारिक पंजीकरण हावड़ा में है. EIMPCC के सदस्यता फॉर्म पर टेक्नीशियंस स्टूडियो (Technicians’ Studio) का पता लिखा गया है, जो कि एक सरकारी संपत्ति (Govt Property) है. स्टूडियो के अंदर जांच करने पर इस कन्फेडरेशन का कोई भौतिक अस्तित्व या कार्यालय नहीं मिला. इसके अलावा, संगठन के सदस्यता कार्ड पर ‘बेलवेडियर रोड’ का पता दर्ज है, जबकि इन कार्ड्स का वास्तविक वितरण विजयगढ़ और गांधी कॉलोनी स्थित भाजपा पार्टी कार्यालयों से किया जा रहा है.

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स्कैनिंग कमेटी के गठन पर भड़के लेखक और टेक्नीशियंस

विवाद तब और गहरा गया, जब विधायक पापिया अधिकारी ने टॉलीवुड के आंतरिक गतिरोध को सुलझाने के नाम पर एक अस्थायी स्कैनिंग कमेटी (Scanning Committee) का गठन कर दिया. कमेटी में पार्थ कर, अतनु बोस, सोमनाथ बनर्जी, उज्ज्वल सरकार, पूर्णेंदु शेखर मल्लिक, सौकत दास और कंचना मोईत्रा को शामिल किया गया है.

Tollygunge MLA Papiya Adhikary EIMPCC Row: अर्कदीप ने जल्दबाजी पर उठाये सवाल

मशहूर लेखक अर्कदीप मल्लिका नाथ (Arkadeep Mallika Nath) ने विधायक की इस ‘जल्दबाजी’ पर सवाल उठाये हैं. उन्होंने कहा- पूर्ववर्ती तृणमूल शासन में अरूप विश्वास ने यह नैरेटिव बनाया था कि टॉलीगंज का विधायक होने के नाते उन्हें पूरी फिल्म इंडस्ट्री चलाने का अधिकार है. अब पापिया अधिकारी भी उसी गलत रास्ते पर चल रही हैं. सरकार ने पहले ही 19 सदस्यों की एक आधिकारिक सलाहकार समिति बनायी हुई है, तो विधायक ने बिना किसी से परामर्श किये अपने स्तर पर यह पत्र कैसे जारी कर दिया?

पार्थ कर के नाम पर भी आपत्ति

अर्कदीप मल्लिका नाथ ने कमेटी में शामिल पार्थ कर जैसे नामों पर भी आपत्ति जतायी है. पार्थ पर अतीत में टेलीविजन उद्योग को चैनल्स के हाथों में सौंपने के आरोप लगे थे. हालांकि, कमेटी की सदस्य और अभिनेत्री कंचना मोईत्रा ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि यह विधायक का विशेषाधिकार है कि वह अपने क्षेत्र और इंडस्ट्री की बेहतरी के लिए किसे चुनती हैं. पार्थ कर ने कहा है कि वे 30 साल तक फेडरेशन के सचिव रहे हैं और ये सभी आरोप पूरी तरह निराधार हैं.

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By Mithilesh Jha

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