कौन हैं संचिता प्रधान दे? ममता बनर्जी ने शुभेंदु अधिकारी के गढ़ नंदीग्राम से बनाया टीएमसी का उम्मीदवार

Who is Sanchita Pradhan Dey: पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम सीट पर उपचुनाव के लिए तृणमूल कांग्रेस ने संचिता प्रधान को उम्मीदवार बनाया है. वह शुभेंदु अधिकारी के गढ़ में भाजपा को चुनौती देंगी. जानिए कौन हैं संचिता प्रधान और इस फैसले के मायने.

Who is Sanchita Pradhan Dey: पश्चिम बंगाल की 2 सीटों पर हो रहे उपचुनाव के लिए ममता बनर्जी की अगुवाई वाली तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है. कालीघाट टीएमसी ने नंदीग्राम से संचिता प्रधान दे को अपना उम्मीदवार बनाया है. आइए, जानते हैं- कौन हैं संचिता प्रधान और नंदीग्राम विधानसभा उपचुनाव में प्रत्याशी बनाये जाने पर उन्होंने क्या कहा.

हाईकोर्ट के आदेश से चली गयी थी संचिता की सरकारी नौकरी

संचिता प्रधान दे पेशे से प्राइमरी टीचर हैं. वह नंदीग्राम के बोयल-2 ग्राम पंचायत की रहने वाली हैं. पंचायत समिति की पूर्व प्रमुख हैं. कलकत्ता हाईकोर्ट ने वर्ष 2014 के प्राइमरी भर्ती भ्रष्टाचार मामले में 269 लोगों को नौकरी से निकालने और वर्ष 2022 में उनकी सैलरी रोकने का आदेश दिया था. उस आदेश की वजह से संचिता प्रधान की टीचर की नौकरी चली गयी थी.

पार्टी ने जो जिम्मेदारी दी है, उसे पूरा करूंगी : संचिता

नंदीग्राम विधानसभा उपचुनाव 2026 के लिए ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (कालीघाट गुट) की ओर से प्रत्याशी बनाये जाने पर संचिता ने कहा- पार्टी ने मुझे जो जिम्मेदारी दी है, मैं उसे पूरा करने की कोशिश करूंगी. उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी ने एक बार फिर नंदीग्राम से बोयल को चुना. पिछले विधानसभा चुनाव में बोयल-2 ग्राम पंचायत के पूर्व प्रमुख पवित्र कर ने शुभेंदु अधिकारी के खिलाफ चुनाव लड़ा था. हालांकि, वह बड़े अंतर से चुनाव हार गये थे.

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टीएमसी के खिलाफ लड़ा था पंचायत समिति का चुनाव

संचिता प्रधान पर अब पूरे विधानसभा क्षेत्र के साथ-साथ बंगाल के लोगों की भी नजर है. वर्ष 2018 से वर्ष 2023 तक वह नंदीग्राम-2 पंचायत समिति में रहीं. तृणमूल के टिकट पर जीत दर्ज करने वाली संचिता एजुकेशन ऑफिसर बनीं. बाद में जब उन्हें पार्टी ने टिकट नहीं दिया, तो वह निर्दलीय चुनाव लड़ गयीं. हालांकि, इस बार वह चुनाव हार गयीं. कुणाल घोष की मदद से फिर से पार्टी में एक्टिव हुईं. इस बार कालीघाट तृणमूल ने उसी संचिता पर विधानसभा उपचुनाव में भरोसा जताया है.

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नंदीग्राम में 6 अक्टूबर को वोट, 9 को काउंटिंग

नंदीग्राम विधानसभा सीट पर हो रहे उपचुनाव के लिए 6 अक्टूबर को वोटिंग होगी. 9 अक्टूबर को मतगणना करायी जायेगी. पूरा चुनाव कार्यक्रम इस प्रकार है.

चुनाव कार्यक्रमतारीख
अधिसूचना जारी9 सितंबर 2026
नामांकन की आखिरी तारीख16 सितंबर 2026
नामांकन पत्रों की जांच17 सितंबर 2026
नामांकन वापस लेने की अंतिम तारीख19 सितंबर 2026
मतदान की तारीख6 अक्टूबर 2026
मतगणना की तारीख9 अक्टूबर 2026
चुनाव कार्यक्रम का समापन11 अक्टूबर 2026

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नंदीग्राम से कौन-कौन लड़ रहे चुनाव?

पार्टी का नामउम्मीदवार
भारतीय जनता पार्टीअभी घोषित नहीं
तृणमूल कांग्रेस (ममता गुट)संचिता प्रधान (दे)
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टीशांति गोपाल गिरि
कांग्रेसमिलन प्रधान

भाजपा ने अब तक नहीं दिया उम्मीदवार

पूर्व मेदिनीपुर जिले की नंदीग्राम विधानसभा सीट को पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी का गढ़ माना जाता है. बावजूद इसके, भाजपा ने अब तक अपना उम्मीदवार घोषित नहीं किया है. तृणमूल ने संचिता प्रधान दे, लेफ्ट ने शांति गोपाल गिरि और कांग्रेस ने मिलन प्रधान को मैदान में पहले ही उतार दिया है. नंदीग्राम विधानसभा सीट पर हो रहे उपचुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख 16 सितंबर है.

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By मिथिलेश झा

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