TMC Challenge BJP: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 की गर्मी के बीच तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) और केंद्रीय जांच एजेंसियों के खिलाफ हमला बोला है. टीएमसी ने एक सोशल मीडिया पोस्ट जारी कर सीधे तौर पर केंद्र सरकार को चुनौती दी है. कहा है कि अगर हिम्मत है, तो भाजपा में शामिल हुए उन नेताओं की जांच करायें, जिन्हें कभी वे खुद ‘भ्रष्ट’ कहते थे. टीएमसी ने अभिषेक बनर्जी (Abhishek Banerjee) को ‘अग्निपरीक्षा’ में सफल बताते हुए भाजपा की ‘वॉशिंग मशीन’ वाली राजनीति पर प्रहार किया है.
पूरे परिवार को परेशान किया, अभिषेक बनर्जी झुके नहीं
तृणमूल कांग्रेस ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि अभिषेक बनर्जी को परेशान करने के लिए केंद्रीय एजेंसियों का बार-बार इस्तेमाल किया गया. उनके पूरे परिवार को परेशान किया गया. ‘एजेंसी पॉलिटिक्स’ के तहत अभिषेक की पत्नी, साली, निजी सहायक, बुजुर्ग माता-पिता और यहां तक कि छोटे बच्चों को भी नहीं बख्शा गया. घंटों पूछताछ और सालों की जांच के बाद भी अभिषेक बनर्जी के खिलाफ कोई सबूत नहीं मिला. पोस्ट में दावा किया गया कि अभिषेक बनर्जी भ्रष्ट होने की बजाय ‘फांसी के फंदे’ को चूमना पसंद करेंगे. वे सत्ता के सामने कभी नहीं झुकेंगे.
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हिम्मत है तो शुभेंदु और हिमंता की करायें जांच – TMC
टीएमसी ने भाजपा को घेरते हुए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के लिए ‘एक्सटॉर्शन निदेशालय’ (Extortion Directorate) जैसे कड़े शब्द इस्तेमाल किया और खुली चुनौती पेश की. टीएमसी ने मांग की है कि शुभेंदु अधिकारी, हिमंता बिस्व सरमा, नारायण राणे, प्रफुल्ल पटेल और छगन भुजबल जैसे नेताओं के खिलाफ कोर्ट की निगरानी में निष्पक्ष जांच करायी जाये. पार्टी ने आरोप लगाया कि ये वही नेता हैं, जिन्हें भाजपा पहले भ्रष्ट बताती थी, लेकिन अपनी पार्टी में शामिल करते ही उन्हें ‘क्लीन चिट’ दे दी.
जनता के आगे झुकते हैं, सत्ता के सामने नहीं
तृणमूल ने अपने संदेश में स्पष्ट किया कि अभिषेक बनर्जी केवल जनता की शक्ति के सामने झुकते हैं, दिल्ली में बैठे सत्ताधारियों के सामने नहीं. पार्टी ने भाजपा को चुनौती देते हुए कहा- अगर आपमें साहस है, तो अपने इन नेताओं की जांच कराकर दिखायें.
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